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डॉ. भीमराव आंबेडकर: सामाजिक न्याय के महान शिल्पकार

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  भारत के इतिहास में कुछ ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं, जिन्होंने न केवल अपने समय को दिशा दी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक नई राह बनाई। भीमराव आंबेडकर ऐसे ही एक महान व्यक्तित्व थे, जिन्हें हम प्रेम और सम्मान से “बाबा साहेब” के नाम से जानते हैं। वे भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार, समाज सुधारक, अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता और मानवाधिकारों के सच्चे प्रहरी थे। डॉ. भीमराव आंबेडकर:  🔶 प्रस्तावना डॉ. आंबेडकर का जीवन केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक अन्याय और भेदभाव के विरुद्ध एक सतत संघर्ष की गाथा है। उन्होंने उस समाज में जन्म लिया, जहाँ जाति के आधार पर मनुष्यों को अपमानित किया जाता था। लेकिन उन्होंने अपनी शिक्षा, बुद्धिमत्ता और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर न केवल अपने लिए, बल्कि करोड़ों वंचित लोगों के लिए सम्मान और अधिकारों की लड़ाई लड़ी। 🔶 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू (अब डॉ. आंबेडकर नगर) में हुआ था। उनके पिता रामजी मालोजी सकपाल सेना में सूबेदार थे। बाल्यकाल से ही उन्हें जातिगत भेदभाव का सामना करना ...

उज्जैन में रबी उपार्जन 10 अप्रैल से: 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग शुरू, किसानों की सुविधा पर रहेगा विशेष फोकस

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  उज्जैन, 6 अप्रैल 2026। जिले में रबी उपार्जन को लेकर प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागृह में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार जिले में रबी उपार्जन 10 अप्रैल से प्रारंभ होगा, जबकि किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया 7 अप्रैल से शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारू और किसान हितैषी तरीके से संचालित हो। किसानों की सुविधा सर्वोपरि: केंद्रों पर छांव, पानी और स्वास्थ्य व्यवस्था अनिवार्य कलेक्टर श्री सिंह ने उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर कड़े निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर: पर्याप्त छायादार व्यवस्था शुद्ध पेयजल ओआरएस और ग्लूकोज जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य साधन बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से उपार्जन केंद्रों का भ्रमण ...

एनएसजी भारत का अभेद्य कवच, हर हाल में सुरक्षित हैं नागरिक : डॉ. मोहन यादव

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  भोपाल, 6 अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित भव्य एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) शो के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एनएसजी भारत का “अभेद्य सुरक्षा कवच” है और इसकी मौजूदगी देशवासियों को हर परिस्थिति में सुरक्षा की गारंटी देती है। मुख्यमंत्री ने समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में एनएसजी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह बल अपनी पेशेवर दक्षता, अनुशासन और आधुनिक तकनीक के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। लाल परेड मैदान में दिखा एनएसजी का पराक्रम भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में एनएसजी कमांडो ने मॉक टेररिस्ट अटैक का सजीव प्रदर्शन किया। इस दौरान आतंकवादी हमले से निपटने की रणनीतियों और तकनीकों को रियलिस्टिक तरीके से प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने कमांडो के साहस और कौशल की सराहना करते हुए कहा कि “यह प्रदर्शन पराक्रम और पुरुषार्थ की पराकाष्ठा का उदाहरण है। हवा में किए गए करतब अद्भुत हैं और...

नैवेद्यम फूड जोन बना उज्जैन की नई पहचान, भीड़ के बाद अब टेंडर से तय होगा असली खेल

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 तीन दिन की फ्री एंट्री जैसी छूट खत्म, इस सप्ताह दुकानों के लिए टेंडर—स्थायी कारोबार की शुरुआत उज्जैन, 23 मार्च: धार्मिक नगरी उज्जैन में शुरू हुआ नैवेद्यम फूड जोन इन दिनों शहर का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा है। 19 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोकार्पण के बाद जैसे ही यह आम लोगों के लिए खुला, यहां लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। तीन दिनों तक मिली विशेष छूट ने इस फूड जोन को “टेस्ट और ट्रायल” का बेहतरीन मौका बना दिया, जहां न सिर्फ स्थानीय लोग बल्कि बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भी जमकर स्वाद का आनंद लिया।   🍔 क्यों खास है नैवेद्यम फूड जोन? नानाखेड़ा में विकसित यह फूड जोन, इंदौर की मशहूर “56 दुकान” की तर्ज पर तैयार किया गया है। यहां कुल 34 दुकानें बनाई गई हैं, जिनमें अलग-अलग प्रकार के फूड स्टॉल शामिल हैं। एक ही जगह पर स्ट्रीट फूड से लेकर फैमिली डाइनिंग का अनुभव आकर्षक लाइटिंग और बैठने की आधुनिक व्यवस्था फूड के साथ लाइव म्यूजिक और एंटरटेनमेंट यही वजह रही कि रविवार को यहां लगभग सभी दुकानें भरी रहीं और माहौल किसी फूड फेस्टिवल से कम नहीं दिखा। 📊 तीन दिन में मिल...

उज्जैन-जावरा हाईवे: विकास की राह या किसानों के संघर्ष की कहानी?

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 मुआवजे की अस्पष्टता ने 62 गांवों के किसानों को फिर आंदोलन की ओर धकेला मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में विकास की एक बड़ी परियोजना—उज्जैन-जावरा हाईवे—इन दिनों विवादों के घेरे में है। सड़क निर्माण जैसी योजनाएं जहां क्षेत्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं, वहीं यदि उनमें प्रभावित लोगों के हितों की अनदेखी हो जाए, तो यही योजनाएं संघर्ष का कारण भी बन जाती हैं। आज यही स्थिति उज्जैन-जावरा हाईवे परियोजना के साथ देखने को मिल रही है, जहां 62 गांवों के किसान अपने हक की लड़ाई के लिए फिर से आंदोलन की तैयारी में हैं। 🚜 क्या है पूरा मामला? इस हाईवे परियोजना से रतलाम और उज्जैन जिले के कुल 62 गांव प्रभावित हो रहे हैं। शुरुआत में इस सड़क को एक्सिस कंट्रोल (नियंत्रित प्रवेश) हाईवे के रूप में विकसित किया जाना था, लेकिन किसानों के विरोध के बाद इसे सामान्य (नॉर्मल) हाईवे में परिवर्तित कर दिया गया। किसानों की पहली मांग तो मान ली गई, लेकिन असली विवाद जमीन के मुआवजे को लेकर खड़ा हो गया। 💰 मुआवजा: सबसे बड़ा विवाद किसानों की स्पष्ट मांग है कि उन्हें उनकी जमीन का मुआवजा वास्तविक बाजार मूल्य के आ...

गुड़ी पड़वा : नववर्ष, नवसंकल्प और सांस्कृतिक चेतना का पर्व

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 भारत विविधताओं का देश है, जहां हर पर्व अपने भीतर एक विशेष संदेश, परंपरा और जीवन-दर्शन समेटे होता है। इन्हीं पर्वों में से एक है गुड़ी पड़वा , जो विशेष रूप से महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व केवल नववर्ष का आरंभ ही नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नए संकल्प और सकारात्मकता का प्रतीक भी है। नववर्ष का शुभारंभ गुड़ी पड़वा चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है, जो हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष का पहला दिन होता है। यह वही समय है जब प्रकृति भी नवजीवन से भर उठती है—पेड़ों पर नई कोपलें, खेतों में हरियाली और वातावरण में ताजगी का अनुभव होता है। इस प्रकार यह पर्व मानव जीवन को भी नवसृजन और पुनःआरंभ का संदेश देता है। गुड़ी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व इस दिन घरों के बाहर एक विशेष ध्वज या ‘गुड़ी’ स्थापित की जाती है, जो विजय, समृद्धि और शुभता का प्रतीक मानी जाती है। इसे एक लंबी लकड़ी पर रेशमी वस्त्र, नीम के पत्ते, आम के पत्ते और ऊपर से तांबे या चांदी के कलश से सजाया जाता है। यह गुड़ी न केवल घर की शोभा बढ़ाती है, बल्कि य...

नेपानगर बनेगा प्रदेश के विकास का प्रमुख द्वार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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363.82 करोड़ के 127 विकास कार्यों की सौगात, सिंचाई परियोजनाओं से बदलेगी 34 हजार किसानों की तकदीर  भोपाल/बुरहानपुर, 15 मार्च 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बुरहानपुर जिले का नेपानगर क्षेत्र मध्यप्रदेश के विकास का नया द्वार बनेगा। उन्होंने कहा कि नेपानगर कृषि और उद्योग का अद्भुत संगम है और इसे प्रदेश के विकास के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को बुरहानपुर जिले के जनजातीय बहुल नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनजातीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र को 363 करोड़ 82 लाख रुपये के 127 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 191 करोड़ 62 लाख रुपये के 81 कार्यों का भूमिपूजन और 172 करोड़ 20 लाख रुपये के 46 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास तभी सार्थक होता है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनजातीय समाज के समग्र विकास और कल्याण को सुनिश्चित करना है। जनजातीय विकास के लिए बढ़ा बजट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-2...