उज्जैन में 10 दिवसीय कृषि रथ यात्रा आज से शुरू, खरीफ बुवाई से पहले किसानों तक पहुंचेगी नई तकनीकें
उज्जैन, 15 मई। मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में उज्जैन जिले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से 16 मई से 25 मई तक 10 दिवसीय “कृषि रथ” यात्रा का आयोजन किया जाएगा। जिला पंचायत द्वारा संचालित यह विशेष अभियान खरीफ फसलों की बुवाई से पूर्व जिले के विभिन्न विकासखंडों में पहुंचेगा और किसानों को वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराएगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि रथ का उद्देश्य किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि किसान नवीनतम कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक पद्धतियों का लाभ लेकर खेती को अधिक लाभकारी बना सकें।
हर ग्राम पंचायत तक पहुंचेगी कृषि संबंधी जानकारी
यह कृषि रथ अभियान जिले के उज्जैन, घटिया, तराना, महिदपुर, खाचरौद और बड़नगर विकासखंडों में संचालित होगा। प्रतिदिन रथ प्रभारी एवं तकनीकी दल द्वारा 3 से 4 ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया जाएगा। टीम में अनुविभागीय कृषि अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, उद्यानिकी अधिकारी तथा अन्य विशेषज्ञ शामिल रहेंगे।
कृषि रथ के 10 प्रमुख उद्देश्य
अभियान के दौरान किसानों को खेती से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जाएगी, जिनमें—
- ई-विकास प्रणाली एवं ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था
- उर्वरकों का अनुशंसित उपयोग
- जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का प्रचार-प्रसार
- एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन
- खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय
- फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन
- विभागीय कृषि योजनाओं की जानकारी
- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना
- पराली प्रबंधन एवं कृषि अभियांत्रिकी के माध्यम से खरीफ पूर्व खेत समतलीकरण
जनप्रतिनिधियों और किसानों से सहयोग की अपील
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के मार्गदर्शन में लेकोडा में किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, पंचायत सचिवों और प्रगतिशील किसानों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्रों में कृषि रथ की जानकारी किसानों तक पहुंचाएं तथा पंचायत भवनों में बैठकों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। किसानों से भी आग्रह किया गया है कि वे अपने निकटतम ग्राम पंचायत में डोंडी एवं सार्वजनिक घोषणा के माध्यम से कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त कर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हों।
यह पहल किसानों तक वैज्ञानिक खेती, जैविक कृषि और नई तकनीकों को अंतिम स्तर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाया जा सके।

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