बालू खींची ने गौतस्करी और जमीन संबंधी आरोपों को बताया निराधार, बोले— निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हूं
एक बंजारा पर गौतस्कर होने का आरोप सत्य नहीं
बंजारा समाज और गौवंश का सदियों पुराना रिश्ता
बालू खींची बंजारा ने कहा कि बंजारों और गौवंश का सदियों पुराना रिश्ता रहा है तथा बंजारा समाज के लिए गौवंश पूजनीय रहा है। इतिहास में हमारे महान पूर्वजों द्वारा गौ माता की रक्षा और सेवा के लिए संघर्ष किए जाने का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि संत सेवालाल महाराज ने भी गौ रक्षा की खातिर हैदराबाद के निजाम से युद्ध किया था।
बंजारा की पोशाक पहनना मेरे लिए गर्व का विषय
उन्होंने कहा कि बंजारा की पोशाक पहनना उनके लिए गर्व का विषय है। बंजारा होने के कारण बचपन से ही उनका गौभक्ति और गौसेवा से लगाव रहा है।बैल और दुधारू पशुओं का किया व्यापार
बालू खींची बंजारा ने कहा कि इसी कारण उन्होंने तत्कालीन समय में बैल और दुधारू पशुओं, भैंस और गाय का व्यापार भी किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि इस व्यापार को किस भाषा में तस्करी कहा जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाने वालों से प्रश्न किया कि यदि उनके द्वारा किया गया पशु व्यापार तस्करी है, तो जो लोग आज भी इस प्रकार का व्यापार कर रहे हैं, क्या उन्हें भी तस्कर कहा जाएगा। यदि ऐसा है तो उन पर भी कार्रवाई होना चाहिए।
बैलों के साथ चलना बंजारों की पहचान
उन्होंने कहा कि पहले बैलों के साथ चलना बंजारों की पहचान थी, क्योंकि बंजारा अपने बैलों के साथ ही चलता है। गौ माता के प्रति बंजारा समाज के प्रेम के कारण कई स्थानों पर बंजारों को गौर बंजारा भी कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि देश में आज बने कई राजमार्ग उन रास्तों के आधार पर विकसित हुए हैं, जिन पर कभी बंजारों और उनके बैलों के कारवां चला करते थे।
जमीन हड़पने के आरोप निराधार
उन्होंने कहा कि वह जमीन के सौदे करवाने तथा लोगों की जमीन खरीदने और बेचने के बीच मध्यस्थता का कार्य करते रहे हैं, जिससे उन्हें छोटी-मोटी आय होती रही है। वर्तमान में उनके परिवार के अन्य व्यापार भी हैं।
सामाजिक कार्यों में खर्च करते हैं |
उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से आज उनके परिवार के पास सबकुछ है और परिवार सामाजिक कार्यों में भी खर्च करता है। उनके अनुसार, उनके परिवार द्वारा क्षेत्र की जनता के लिए सांवरिया यात्रा, कन्याविवाह, मंदिरों का जीर्णोद्धार, गरीब बच्चों की शिक्षा तथा जरूरतमंद लोगों की मदद करने का प्रयास किया जाता है।
3000 बीघा जमीन के आरोप पर सवाल
उन्होंने आरोप लगाने वालों से कहा कि यदि कोई उन्हें 3000 बीघा जमीन दिला देता है तो उसमें से 1100 बीघा जमीन श्री सांवरिया सेठ के चरणों में दान देने की घोषणा करेंगे।
अकूत संपत्ति के आरोपों की जांच का स्वागत
उन्होंने कहा कि अकूत संपत्ति होने के आरोप भी निराधार हैं। यदि किसी प्रकार की जांच होती है तो वह उसका स्वागत करेंगे और उन्हें जांच से कोई आपत्ति नहीं है। देसी रहन-सहन और गहने पहनना बंजारा संस्कृति का हिस्सा
उन्होंने कहा कि वह बंजारा टांडा में पैदा हुए हैं और बंजारा हैं। चांदी और सोने के गहने पहनना उनकी पहचान और परंपरा का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि यह विरासत उन्हें अपने पूर्वजों से मिली है और वह इस संस्कृति और संस्कार को निभाते रहे हैं तथा आगे भी निभाते रहेंगे।
झूठे आरोपों से सच्चाई नहीं छुपेगी
बालू खींची बंजारा ने कहा कि झूठी बातों से उनकी सच्चाई नहीं छुप सकती। वह जैसे हैं, वैसे ही उनके क्षेत्र की जनता और उनका परिवार उन्हें जानता है।
उन्होंने कहा कि झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाने से वह दोषी नहीं हो जाएंगे।
परिवार पर कभी पुलिस रिपोर्ट तक नहीं हुई
जमीन हड़पने के आरोपों पर उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उन्होंने लोगों की जमीन हड़पी है तो लोगों ने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।
लोगों के आशीर्वाद से बने जिला पंचायत सदस्य
उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों के बीच सामंजस्य के साथ जीवन व्यतीत किया है और लोगों के आशीर्वाद से ही उन्हें जिला पंचायत सदस्य बनने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ साजिश करने वाले लोग अपने प्रयासों में कामयाब नहीं होंगे।
62 बंजारा बस्तियों को निशाना बनाने के आरोप पर चुनौती
उन्होंने कहा कि यदि आरोप लगाने वाले उन 62 बंजारा टांडों या बस्तियों के नाम बता दें, जिन्हें उन्होंने किसी भी प्रकार से पीड़ित किया हो, तो वह उनके नायकों और समाज के लोगों के सामने उपस्थित होने के लिए तैयार हैं।
समाज के सामने सच साबित करने की बात उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने अपनी 62 बस्तियों के खिलाफ कोई कृत्य किया है तो आरोप लगाने वाले लोगों को समाज के सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले उन्हें बुलाएं या वह स्वयं समाज के लोगों को बुलाकर सच साबित करने के लिए तैयार हैं।
बंजारा समाज की अपनी न्याय व्यवस्था
उन्होंने कहा कि बंजारा समाज की अपनी एक परंपरागत न्याय प्रणाली है, जिसमें यदि कोई व्यक्ति गलत कार्य करता है तो समाज द्वारा उसे तत्काल दंड दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह बंजारा समाज की परंपरागत संस्कृति का हिस्सा है।
बंजारा और गौवंश का अटूट संबंध
बालू खींची बंजारा ने कहा कि बंजारों को गौतस्कर कहने वाले यह समझें कि बंजारा और गौवंश का रिश्ता सदियों पुराना है।
उन्होंने कहा कि बंजारा समाज गौ माता को सदैव पूजनीय मानता आया है और गौवंश बंजारा समाज की अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाला साथी रहा है।
क्षेत्र के सभी वर्गों से मिला मान-सम्मान
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हर वर्ग और सभी जातियों के लोग उनका मान-सम्मान करते हैं और उन्हीं के आशीर्वाद से वह आज जिस स्थिति में हैं।
उनका कहना है कि जिन लोगों का व्यापार और राजनीति में उनसे बैर है, वही लोग गंदी राजनीति करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
आरोप साबित करने की चुनौती
बालू खींची बंजारा ने कहा कि यदि उनके ऊपर लगाए गए आरोप सत्य हैं तो संबंधित मीडिया संस्थान या सोशल मीडिया पर आरोप वायरल करने वाले लोग उन्हें साबित करें।
उन्होंने कहा कि यदि आरोप साबित नहीं किए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बंजारा समाज को गौतस्कर बताने पर कानूनी कार्रवाई की बात
उन्होंने कहा कि बंजारा समाज को गौतस्कर बताने के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी और देशव्यापी आंदोलन कर संबंधित लोगों से जवाब मांगा जाएगा।
उन्होंने कहा कि झूठे आरोपों से सच्चाई नहीं बदलेगी और आरोप लगाने वालों को इसका जवाब देना होगा।
सांवरिया सेठ पर विश्वास
बालू खींची बंजारा ने कहा कि उनके खिलाफ कितनी भी कोशिशें की जाएं, लेकिन उनका विश्वास श्री सांवरिया सेठ पर है और वह अपनी सच्चाई पर कायम हैं।
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