रामपुरा आउटसोर्स बिजली कर्मचारी हादसा: 20 फीट से गिरकर मनीष आर्य गंभीर घायल
रामपुरा, नीमच। रिपोर्ट (किशोर सरिया ) रामपुरा के आवरासात मोहल्ले में बिजली कार्य के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी के करीब 20 फीट ऊंचे विद्युत खंभे से गिरने का मामला सामने आया है। हादसे में मनीष आर्य (28), पिता बाबूलाल आर्य, निवासी रेगर मोहल्ला, गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विद्युत कार्य के दौरान करंट लगने के बाद वे खंभे से नीचे गिर गए।
हादसे के बाद घायल मनीष आर्य को तत्काल रामपुरा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें आगे उपचार के लिए जिला अस्पताल नीमच रेफर किया।
बिना सुरक्षा उपकरण खंभे पर चढ़ाने का आरोप
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर उठ रहा है। आरोप है कि विद्युत खंभे पर काम करते समय कर्मचारी के पास सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और दस्ताने जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं थे।
यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है। बिजली के खंभों और हाई-वोल्टेज विद्युत लाइनों पर कार्य करते समय सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
क्या आउटसोर्स कर्मचारी को खंभे पर चढ़ाकर कराया जा सकता है काम?
हादसे के बाद यह महत्वपूर्ण सवाल भी सामने आया है कि क्या आउटसोर्स कर्मचारी को विद्युत खंभे पर चढ़ाकर लाइन संबंधी कार्य कराया जा सकता है? यदि ऐसा कार्य नियमों के तहत अनुमत है, तो संबंधित कर्मचारी को कौन-कौन से प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और पर्यवेक्षण उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है—इसकी भी जांच आवश्यक है।
इस मामले में संबंधित विद्युत विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने तथा सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग उठ रही है।
घायल कर्मचारी को मिले सरकारी लाभ और मुआवजा
हादसे के बाद कर्मचारी और उसके परिवार को मिलने वाले बीमा, उपचार, मुआवजा और अन्य सरकारी/नियोजक लाभों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मांग है कि घायल आउटसोर्स कर्मचारी मनीष आर्य को नियमानुसार सभी पात्र लाभ उपलब्ध कराए जाएं और उसके उपचार में किसी तरह की आर्थिक बाधा न आने दी जाए।
साथ ही हादसे की निष्पक्ष जांच कर यह भी निर्धारित किया जाना चाहिए कि कर्मचारी को किसके निर्देश पर खंभे पर चढ़ाया गया और उस समय सुरक्षा उपकरण क्यों उपलब्ध नहीं थे। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
रामपुरा की इस घटना ने आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों की कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली जैसे जोखिमपूर्ण कार्य में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है। हादसे की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
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