SWAYAM पोर्टल से 40% तक क्रेडिट पॉइंट मिलेंगे, ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का सुनहरा अवसर
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर
यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों को जारी किए निर्देश
भोपाल, 7 जुलाई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जुलाई 2026 सेमेस्टर से SWAYAM (स्वयं) पोर्टल पर उपलब्ध MOOC (Massive Open Online Courses) को शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। इस पहल से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित शिक्षकों से ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
यूजीसी के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और यूजीसी क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत उच्च शिक्षा संस्थान किसी भी डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में 40 प्रतिशत तक क्रेडिट पॉइंट स्वयं पोर्टल के ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रदान कर सकते हैं।
160 में से 64 क्रेडिट तक ऑनलाइन पूरे कर सकेंगे विद्यार्थी
यदि कोई विद्यार्थी चार वर्षीय स्नातक (UG) कार्यक्रम कर रहा है, जिसमें कुल 160 क्रेडिट निर्धारित हैं, तो वह 64 क्रेडिट तक SWAYAM पोर्टल के ऑनलाइन कोर्स करके अर्जित कर सकेगा। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ समय और संसाधनों की भी बचत होगी।
ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए बड़ा अवसर
यूजीसी का मानना है कि यह व्यवस्था उन विद्यार्थियों के लिए बेहद लाभदायक होगी जो दूरस्थ या ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। अब वे घर बैठे आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य अग्रणी संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई कर सकेंगे।
क्या है SWAYAM पोर्टल?
SWAYAM (Study Webs of Active Learning for Young Aspiring Minds) भारत सरकार का राष्ट्रीय ऑनलाइन शिक्षा मंच है। इस पोर्टल पर देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों द्वारा विभिन्न विषयों के निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाते हैं। कोरोना महामारी के बाद इस मंच की उपयोगिता और लोकप्रियता में तेजी से वृद्धि हुई है।
यूजीसी ने संस्थानों को दिए ये निर्देश
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से कहा है कि वे जुलाई 2026 सेमेस्टर में उपलब्ध SWAYAM पाठ्यक्रमों की सूची के अनुसार विषयों का चयन करें। इसके लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज (Board of Studies) की बैठक आयोजित कर संबंधित पाठ्यक्रमों को मंजूरी देकर उन्हें सिलेबस में शामिल किया जाए।
साथ ही विद्यार्थियों द्वारा अर्जित क्रेडिट को Academic Bank of Credits (ABC) में जमा किया जाएगा और विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इन क्रेडिट को डिग्री एवं ट्रांसक्रिप्ट में शामिल किया जाए।
विद्यार्थियों को होंगे कई लाभ
- प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ फैकल्टी से ऑनलाइन पढ़ाई का अवसर।
- अपनी सुविधा और समय के अनुसार पढ़ाई करने की स्वतंत्रता।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, डिजिटल मार्केटिंग सहित आधुनिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का लाभ।
- अतिरिक्त स्किल विकसित करने और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद।
- उच्च शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी बढ़ी
यूजीसी ने कुलपतियों और प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे जुलाई से पहले अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर SWAYAM पोर्टल के पाठ्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर उन्हें उनकी रुचि और करियर के अनुरूप सही कोर्स चुनने में सहायता दें।
यूजीसी का मानना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ भारत को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाने और युवाओं को 21वीं सदी के कौशल से सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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