ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, ट्रम्प का सख्त संदेश; ईरान ने दी 'भारी कीमत' चुकाने की चेतावनी

  ( रघुवीर सिंह पंवार )  



मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान पर अब तक के सबसे बड़े सैन्य हमले की तैयारी पूरी कर चुका है। उन्होंने कहा कि "तैयारी पूरी है, अब केवल अंतिम फैसला लेना बाकी है।" ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान ने अभी तक "पर्याप्त दर्द नहीं झेला है।"



ट्रम्प के इस बयान के तुरंत बाद ईरान की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने हमले जारी रखे तो उसे इसकी "भारी कीमत" चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति का रास्ता युद्ध नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीतिक बातचीत है।

पिछले 24 घंटे की 5 बड़ी घटनाएं

1. रेड सी में सऊदी तेल टैंकरों पर हमला

यमन के हूती विद्रोहियों ने रेड सी में सऊदी अरब के दो तेल टैंकर एन्सेलिया और लैला पर बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। हूती संगठन के अनुसार दोनों जहाजों में आग लग गई, हालांकि स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।


 


2. हूती हमलों के डर से जहाजों ने बदला रास्ता

बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कम से कम 10 व्यापारिक जहाजों ने सुरक्षा कारणों से अपना मार्ग बदल दिया है। अब ये जहाज अफ्रीका के दक्षिणी छोर केप ऑफ गुड होप के रास्ते लंबी दूरी तय कर रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और शिपिंग लागत पर असर पड़ सकता है।

3. ब्रिटेन ने अमेरिका को सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति दी

ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य अभियान के लिए अपने कुछ सैन्य अड्डों के उपयोग की अनुमति दे दी है। हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड एयरबेस अमेरिकी विमानों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी कि यदि इन अड्डों का इस्तेमाल किया गया तो उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।

4. भारत की हजारों उड़ानें प्रभावित

अमेरिका-ईरान तनाव का असर भारतीय विमानन क्षेत्र पर भी दिखाई दे रहा है। 20 जुलाई तक करीब 26 हजार अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने की जानकारी सामने आई है। कई उड़ानों के मार्ग बदले गए हैं और संचालन में देरी भी हो रही है।

5. ट्रम्प को रक्षा बजट पर बड़ी जीत

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 95 अरब डॉलर के रक्षा बजट को 216-214 वोटों से मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव अब सीनेट में जाएगा। इसके पारित होने पर ईरान संकट सहित अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध होगा।

 


ब्रिटेन भी हाई अलर्ट पर

ब्रिटिश सरकार ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है और कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर वह देश और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उसके खिलाफ किसी तीसरे देश के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल हुआ तो वह जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

बढ़ता संकट, दुनिया की चिंता

 

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव होता है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार, हवाई सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर वॉशिंगटन और तेहरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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