माँ नर्मदा के तट बोरास घाट पर श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य समापन, उमड़ा श्रद्धा का सागर


संवाददाता: हरीश नागर
दिनांक: 24 जून 2026, बुधवार



 उदयपुर, जिला रायसेन। माँ नर्मदा के पावन तट स्थित बोरास घाट पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का मंगलवार को भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। अंतिम दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां हजारों की संख्या में भक्तों ने भागवत कथा का श्रवण कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

कथा व्यास "गोविन्द जाने सरकार" के श्रीमुख से जैसे ही कृष्ण लीला का वर्णन हुआ, पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया। भक्तों ने उत्साहपूर्वक हाथ उठाकर जयकारे लगाए और वातावरण को पूर्णतः धार्मिक ऊर्जा से भर दिया।

अंतिम दिन गूंजे जयकारे, भावविभोर हुए श्रद्धालु

कथा के समापन अवसर पर दृश्य अत्यंत भावनात्मक और भक्ति से परिपूर्ण था। पंडाल में लगातार “गोविन्द जाने सरकार की जय” और “जय श्री कृष्ण” के उद्घोष गूंजते रहे। श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में लीन होकर कथा का रसपान करते नजर आए।

आयोजन समिति के अनुसार, सात दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और धर्म लाभ प्राप्त किया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति मार्ग और जीवन मूल्यों को सरल एवं प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने अत्यंत सराहा।

भंडारे में उमड़ी भीड़


समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। भंडारे में सेवा भावना और समर्पण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

समाज और संतों की उपस्थिति

इस पावन आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, संत समाज एवं जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर कथा श्रवण किया और पुण्य लाभ अर्जित किया। सभी ने आयोजन की सफलता की सराहना की।

आयोजन समिति को सराहना


स्थानीय समिति एवं ग्रामवासियों के सहयोग से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पूरे क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।

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