लोकतंत्र सेनानियों का त्याग कभी भुलाया नहीं जा सकता: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

 भोपाल।  (   हरीश नागर )लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में भोपाल में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का त्याग और बलिदान देश के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौर में अनेक सेनानियों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेलों में यातनाएं सहीं और कठिन परिस्थितियों का सामना किया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।



सम्मेलन में लोकतंत्र सेनानी संघ मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने भी लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका संघर्ष संविधान की सर्वोच्चता और नागरिक अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

कार्यक्रम में देवास जिले की हाटपिपलिया विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी डॉ. तेज सिंह सेंधव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि "संविधान हत्या दिवस" लोकतंत्र पर आए उस कठिन दौर की याद दिलाने के साथ-साथ संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति देशवासियों की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।


 


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों की गाथाएं समाज और युवा पीढ़ी को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।

सम्मेलन में प्रदेशभर से आए लोकतंत्र सेनानियों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया गया।

 

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