नेपानगर बनेगा प्रदेश के विकास का प्रमुख द्वार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
363.82 करोड़ के 127 विकास कार्यों की सौगात, सिंचाई परियोजनाओं से बदलेगी 34 हजार किसानों की तकदीर
भोपाल/बुरहानपुर, 15 मार्च 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बुरहानपुर जिले का नेपानगर क्षेत्र मध्यप्रदेश के विकास का नया द्वार बनेगा। उन्होंने कहा कि नेपानगर कृषि और उद्योग का अद्भुत संगम है और इसे प्रदेश के विकास के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रविवार को बुरहानपुर जिले के जनजातीय बहुल नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनजातीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र को 363 करोड़ 82 लाख रुपये के 127 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 191 करोड़ 62 लाख रुपये के 81 कार्यों का भूमिपूजन और 172 करोड़ 20 लाख रुपये के 46 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास तभी सार्थक होता है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनजातीय समाज के समग्र विकास और कल्याण को सुनिश्चित करना है।
जनजातीय विकास के लिए बढ़ा बजट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में जनजातीय कल्याण के लिए 47 हजार 428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 26 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पीएम जन-मन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से प्रदेश में जनजातीय विकास की नई कहानी लिखी जा रही है।
दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं बदलेंगी किसानों की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने नेपानगर क्षेत्र के लिए दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की जानकारी दी। इनमें
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झिरमिट्टी मध्यम सिंचाई परियोजना
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नावथा वृहद सिंचाई परियोजना
शामिल हैं। इन दोनों परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 2598.97 करोड़ रुपये है।
इन परियोजनाओं के माध्यम से
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51,800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी
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132 गांवों के किसान लाभान्वित होंगे
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लगभग 34,400 किसान परिवारों की आजीविका मजबूत होगी
मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि परियोजनाओं के निर्माण से किसी को भी घर से बेघर नहीं होना पड़ेगा और सभी हितों का ध्यान रखा जाएगा।
नेपा मिल को बंद नहीं होने देंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपानगर पेपर मिल इस क्षेत्र की पहचान है और इसे किसी भी स्थिति में बंद नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार मिल को चलाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन करेगी और मिल में बने कागज की खरीद भी करेगी, ताकि श्रमिकों के रोजगार सुरक्षित रह सकें।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएँ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं। इनमें प्रमुख रूप से—
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बुरहानपुर शासकीय महाविद्यालय में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की जाएगी।
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नेपानगर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार स्मृति उद्यान बनाया जाएगा।
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धूलकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत किया जाएगा।
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लोखंडिया–हसीनाबाद मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा।
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ताप्ती नदी पर उच्च स्तरीय पुल बनाया जाएगा।
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ऐतिहासिक असीरगढ़ किले को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
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वनाधिकार पट्टों को राजस्व रजिस्ट्री में बदला जाएगा, जिसका शुल्क सरकार वहन करेगी।
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वनाधिकार पट्टों के लिए क्षेत्र में नया सर्वे कराया जाएगा।
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निमाड़ क्षेत्र में जल्द ही रीजनल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जाएगी।
सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सिंचाई क्षमता लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 54 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित है, जिसे वर्ष 2029 तक बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन की मेगा ग्राउंड वाटर रिचार्ज परियोजना से भी बुरहानपुर जिले की सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
नेपा मिल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की धुरी
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि नेपानगर की अर्थव्यवस्था में नेपा मिल का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मिल को निरंतर संचालित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान, मजदूर, विद्यार्थी और महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
असीरगढ़ किले को मिलेगा नया स्वरूप
बुरहानपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सामाजिक सरोकारों के साथ विकास की योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।
वहीं नेपानगर की विधायक मंजू राजेन्द्र दादू ने क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए असीरगढ़ किले के जीर्णोद्धार और पर्यटन विकास की मांग रखी।
जनजातीय संस्कृति के बीच हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, कन्या पूजन और भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अतिथियों ने विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें कृषक कल्याण वर्ष के तहत किए जा रहे नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, किसान, महिलाएं और जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे।

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