ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों का क्षमता वर्धन प्रशिक्षण सम्पन्न, उज्जैनिया में ग्राम विकास और जनभागीदारी पर दिया गया जोर

 उज्जैन, घटिया | आदर्श ग्राम उज्जैनिया सेक्टर, विकासखंड घटिया (जिला उज्जैन) में ग्राम विकास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों का क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम नवांकुर संस्था संकल्प शिव शक्ति सामाजिक लोक कल्याण समिति द्वारा मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समिति सदस्यों को ग्राम विकास, सामाजिक सहभागिता, स्वावलंबन, पर्यावरण संरक्षण तथा समितियों के प्रभावी संचालन के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान करना था।



कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरपंच तेजकरण  चौहान उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में शासकीय हाई स्कूल की प्राचार्य सुश्री अर्चना कुलमी तथा मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, घटिया के ब्लॉक समन्वयक मोहन सिंह परिहार मौजूद रहे।

ग्राम विकास में समितियों की अहम भूमिका

कार्यक्रम की शुरुआत में विकासखंड समन्वयक मोहन सिंह परिहार ने प्रशिक्षण की भूमिका प्रस्तुत करते हुए कहा कि ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियाँ ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि इन समितियों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ती है और ग्रामीण स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।

जन अभियान परिषद की कार्यप्रणाली की दी जानकारी

इस अवसर पर विकासखंड की नवांकुर समिति रीक्रिएट सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रतिनिधि रितेश श्रोत्रिय ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की कार्यप्रणाली तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समितियों के माध्यम से गांवों में विभिन्न विकास कार्यों को गति दी जा सकती है और समाज को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने समिति सदस्यों को सक्रिय होकर ग्राम विकास कार्यों में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

सामाजिक समरसता और जनभागीदारी पर जोर

कार्यक्रम के दौरान परामर्शदाता हेमेंद्र पाटीदार ने सामाजिक समरसता, सामुदायिक सहयोग और जनभागीदारी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जब समाज के सभी वर्ग मिलकर विकास कार्यों में भाग लेते हैं, तभी गांव का वास्तविक विकास संभव होता है।

जैविक कृषि पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तेजकरण  चौहान ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ग्राम के विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए और समितियों के माध्यम से ग्राम की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

वहीं आदर्श ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति उज्जैनिया के अध्यक्ष सुमेर सिंह ने किसानों को जैविक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए इसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

विभिन्न ग्रामों की समितियों ने की सहभागिता

प्रशिक्षण कार्यक्रम में निपानिया, नजरपुर, कालूखेड़ी, सलामता और उज्जैनिया ग्रामों की प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की। इसके साथ ही नवांकुर साखियों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का संचालन रितेश श्रोत्रिय द्वारा किया गया, जबकि अंत में श्रीमती वैशाली परमार ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने ग्राम विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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