सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना से उज्जैन में शुद्ध पेयजल की सुदृढ़ व्यवस्था
उज्जैन, 11 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में किया जा रहा सुव्यवस्थित प्रबंधन पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाएगा। उन्होंने ग्राम हरियाखेड़ी में 1133.67 करोड़ रुपए लागत की हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमि-पूजन करते हुए कहा कि यह परियोजना सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ शहर की दीर्घकालिक जल आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री ने लगभग 47.23 करोड़ रुपए लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उज्जैन बना वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित महाकाल लोक ने उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित किया है। मोक्षदायिनी शिप्रा मैया की कृपा और भगवान महाकाल के आशीर्वाद से उज्जैन अब सिंहस्थ-2028 के लिए व्यवस्थित रूप से तैयार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के सफल आयोजन से प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता और सांस्कृतिक गरिमा विश्व पटल पर प्रदर्शित होगी।
हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना: 1133.67 करोड़ से जल सुरक्षा
सिंहस्थ-2028 के दौरान विशाल जनसमूह को देखते हुए जल प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। परियोजना की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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कुल लागत: 1133.67 करोड़ रुपए
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लक्ष्य: 24 माह में पूर्णता
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708 किलोमीटर लंबा नया पाइपलाइन नेटवर्क
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हरियाखेड़ी एवं गंभीर पर 2 नए इंटेक वेल
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आधुनिक जल शोधन संयंत्रों का निर्माण
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17 नए ओवरहेड टैंक
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पुरानी एसीपी पाइपलाइन का प्रतिस्थापन
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49,087 नए घरेलू जल कनेक्शन
परियोजना के अंतर्गत सिलारखेड़ी, गंभीर, उंडासा एवं साहिबखेड़ी को मुख्य जल स्रोत बनाया जाएगा, जिससे सिंहस्थ के दौरान और उसके बाद भी निर्बाध जल आपूर्ति बनी रहे।
अनुमान के अनुसार सिंहस्थ-2028 में:
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उज्जैन शहर की प्रभावी जनसंख्या: लगभग 9.65 लाख
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मेला क्षेत्र की अस्थायी जनसंख्या: लगभग 21.83 लाख
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एक ही दिन में संभावित आगमन (राजसी स्नान): 2 करोड़ 28 लाख श्रद्धालु
इसके साथ ही उज्जैन के आसपास के लगभग 20 ग्रामों को भी योजना में शामिल किया गया है।
अंत्योदय की भावना से ‘प्रोजेक्ट संवर्धन’ की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए गरीबों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उज्जैन जिले में प्रोजेक्ट संवर्धन की शुरुआत की गई है।
कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान और सफाई कर्मचारियों को किट वितरण भी किया गया।
उज्जैन में खुलेगा आयुर्वेद का धनवंतरी इंस्टीट्यूट
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उज्जैन में आयुर्वेद का धनवंतरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में जल्द ही बड़ी सौगात मिलेगी, जिससे उज्जैन आयुर्वेदिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगा।
आधारभूत संरचना में तेज विकास
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य जारी हैं:
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रामघाट के पास एक छोटा एवं एक बड़ा पुल निर्माणाधीन
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उज्जैन-इंदौर फोर लेन रोड का शीघ्र भूमि-पूजन
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मार्च में भव्य गीता भवन का लोकार्पण
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उज्जैन को मेट्रोपोलिटन सिटी नेटवर्क से जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षिप्रा के घाटों पर सिंहस्थ में आए लगभग 5 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे।
रोजगार और सामाजिक विकास पर जोर
राज्य सरकार युवाओं और महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है। उज्जैन के पास प्रस्तावित रेडीमेड गारमेंट यूनिट से स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने आकाशवाणी उज्जैन की सराहना करते हुए कहा कि बाबा महाकाल के कार्यक्रमों का प्रसारण और सिंहस्थ से जुड़े समाचारों का प्रसार जन-जन तक पहुंचेगा।
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए सड़क, सीवर और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री पारस जैन, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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