सोना-चांदी के भाव में भारी गिरावट, वायदा कारोबार पर सवाल
भारतीय निवेशकों के 276 लाख करोड़ डूबने का दावा, चीन की कथित मोनोपोली से वैश्विक बाजार में हड़कंप उज्जैन (रघुवीर सिंह पंवार ) देश में सोना-चांदी के बाजार में बीते कुछ समय से जो अस्थिरता देखने को मिल रही है, उसने आम निवेशक से लेकर बड़े सर्राफा व्यापारियों तक को चिंता में डाल दिया है। कभी सोने-चांदी के भाव अचानक आसमान छूने लगते हैं तो कभी चंद दिनों में ही भारी गिरावट दर्ज की जाती है। हालात ऐसे हैं कि चांदी के भाव में एक झटके में ₹1,25,000 प्रति किलो तक की गिरावट और सोने के दाम में ₹9,000 प्रति 10 ग्राम तक की कमी दर्ज की गई है। इस उतार-चढ़ाव के बीच एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है कि सोना-चांदी के वायदा कारोबार में भारतीय निवेशकों के लगभग 276 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं। यह आंकड़ा जितना बड़ा है, उतना ही गंभीर सवाल भी खड़ा करता है—आखिर यह खेल चला कौन रहा है? और क्या आम निवेशक जानबूझकर इस जाल में फंसाया जा रहा है? सोना-चांदी: भरोसे का सबसे पुराना निवेश, लेकिन आज सबसे ज्यादा अस्थिर भारत में सोना और चांदी सिर्फ धातु नहीं हैं, बल्कि परंपरा, सुरक्षा और भविष्य की गारंटी माने ...