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Showing posts from January, 2026

सोना-चांदी के भाव में भारी गिरावट, वायदा कारोबार पर सवाल

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 भारतीय निवेशकों के 276 लाख करोड़ डूबने का दावा, चीन की कथित मोनोपोली से वैश्विक बाजार में हड़कंप उज्जैन  (रघुवीर सिंह पंवार ) देश में सोना-चांदी के बाजार में बीते कुछ समय से जो अस्थिरता देखने को मिल रही है, उसने आम निवेशक से लेकर बड़े सर्राफा व्यापारियों तक को चिंता में डाल दिया है। कभी सोने-चांदी के भाव अचानक आसमान छूने लगते हैं तो कभी चंद दिनों में ही भारी गिरावट दर्ज की जाती है। हालात ऐसे हैं कि चांदी के भाव में एक झटके में ₹1,25,000 प्रति किलो तक की गिरावट और सोने के दाम में ₹9,000 प्रति 10 ग्राम तक की कमी दर्ज की गई है। इस उतार-चढ़ाव के बीच एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है कि सोना-चांदी के वायदा कारोबार में भारतीय निवेशकों के लगभग 276 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं। यह आंकड़ा जितना बड़ा है, उतना ही गंभीर सवाल भी खड़ा करता है—आखिर यह खेल चला कौन रहा है? और क्या आम निवेशक जानबूझकर इस जाल में फंसाया जा रहा है? सोना-चांदी: भरोसे का सबसे पुराना निवेश, लेकिन आज सबसे ज्यादा अस्थिर भारत में सोना और चांदी सिर्फ धातु नहीं हैं, बल्कि परंपरा, सुरक्षा और भविष्य की गारंटी माने ...

ग्राम पुरी खेड़ा में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद

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 किसानों ने फसल काटकर दिखाया नुकसान, सर्वे कर मुआवजे की मांग    उज्जैन  जिले की घटिया  तहसील क्षेत्र के ग्राम पुरी खेड़ा में बीते दिनों हुई अचानक ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर कहर बरपा दिया। खेतों में लहलहा रही गेहूं, चना, मसूर सहित अन्य रबी फसलें ओलों की मार से पूरी तरह नष्ट हो गईं। जिन फसलों से किसान अपने परिवार की सालभर की जरूरतें और कर्ज चुकाने की उम्मीद लगाए बैठे थे, वे अब जमीन पर बिछी पड़ी हैं ।   ओलावृष्टि के बाद गांव के किसानों ने मौके पर पहुंचकर खराब हो चुकी फसल को काटकर प्रशासन के सामने रखा , ताकि नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। किसानों का कहना है कि खेतों में फसल बचने लायक नहीं रही और कटाई के अलावा कोई विकल्प नहीं था। ग्रामीण किसानों ने मध्यप्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री से मांग की है कि राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल सर्वे कराया जाए और फसल नुकसान का सही आकलन कर शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाए । किसानों की ओर से जितेंद्र गरासिया ने बताया कि ग्राम पुरी खेड़ा में बड़ी संख्या में छोटे और सीम...

एनएच-52 पर मौत का खेल जारी, प्रशासन मौन

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 फ्लाईओवर व रोड सेफ्टी की मांग को लेकर युवा किसान संगठन का उग्र धरना देवास। एनएच-52 पर लगातार हो रही जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में आज जेल चौराहा, देवास पर युवा किसान संगठन के नेतृत्व में जोरदार और आक्रोशपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता के आरोप लगाए। धरने को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष रविंद्र चौधरी ने कहा कि “एनएच-52 इस क्षेत्र की जीवनरेखा है। इस मार्ग पर 24 घंटे भारी ट्रैफिक चलता है। देवास जिले का लगभग 75 किलोमीटर क्षेत्र इसी राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरता है, इसके बावजूद जेल चौराहा आज भी ‘मौत का चौराहा’ बना हुआ है।” उन्होंने बताया कि इस चौराहे पर अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल व अपाहिज हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन अब भी फ्लाईओवर निर्माण और ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर आंख मूंदे बैठा है। “यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि आम जनता की जान से खुला खिलवाड़ है,” उन्होंने कहा। रविंद्र चौधरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए कहा कि शह...

मध्यप्रदेश पुलिस के 21 अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा राष्ट्रपति पदक

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 4 को विशिष्ट सेवा पदक, 17 को सराहनीय सेवा पदक देने की घोषणा भोपाल | 25 जनवरी 2026                                              श्री संतोष कुमार सिंह  – पुलिस आयुक्त, इंदौर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्यप्रदेश पुलिस के लिए बड़ी सम्मानजनक घोषणा की है। मंत्रालय द्वारा प्रदेश के 4 अधिकारी एवं कर्मचारियों को राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक तथा 17 अधिकारी एवं कर्मचारियों को राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। यह सम्मान उन्हें स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त 2026 के अवसर पर आयोजित अलंकरण समारोह में प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक पाने वाले अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जिन अधिकारियों को विशिष्ट सेवा पदक देने की घोषणा की गई है, वे इस प्रकार हैं— श्री संतोष कुमार सिंह – पुलिस आयुक्त, इंदौर श्री मिथिलेश कुमार शुक्ला – पुलिस महानिरीक्षक, नर्मदापुरम जोन श्री अवधेश कुमार गोस्वामी – अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री...

समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए किसान पंजीयन 7 फरवरी से 7 मार्च तक

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 एमएसपी बढ़कर 2585 रुपये प्रति क्विंटल, 3186 पंजीयन केन्द्र बनाए गए भोपाल | 25 जनवरी 2026 र बी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 7 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक किया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि वे तय समय सीमा में पंजीयन कराएं, ताकि गेहूँ विक्रय के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि इस वर्ष पंजीयन प्रक्रिया को और अधिक सरल व सुगम बनाया गया है। पूरे प्रदेश में किसानों की सुविधा के लिए 3186 पंजीयन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। गेहूँ का समर्थन मूल्य बढ़ा भारत सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। कहां होगा नि:शुल्क पंजीयन किसान नीचे दिए गए स्थानों पर बिल्कुल नि:शुल्क पंजीयन करा सकते हैं— ग्राम पंचायत एवं जनपद पंचायत कार्यालय तहसील कार्यालयों में स्थापित सुवि...

UGC Act 2026: उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय या नया असंतुलन?

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 नए नियमों पर सवाल, डर और असंतुलन की बहस* नए नियमों पर जनरल कैटेगरी का गुस्सा , जानिए पूरी कहानी*   (रघुवीर सिंह पंवार )  भूमिका: जब कैंपस बहस का अखाड़ा बन जाए भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। UGC Act 2026 के अंतर्गत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( UGC) द्वारा लागू किए गए नए नियमों ने देशभर के विश्वविद्यालयों , कॉलेजों और शैक्षणिक परिसरों में तीखी बहस छेड़ दी है। यह बहस सिर्फ कानून की व्याख्या तक सीमित नहीं है , बल्कि यह समानता , न्याय , सुरक्षा और विश्वास जैसे बुनियादी सवालों को भी सामने ला रही है। एक ओर सरकार और UGC का दावा है कि यह नियम SC, ST और OBC छात्रों को जातिगत भेदभाव से सुरक्षा देने के लिए आवश्यक है , वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी (सामान्य वर्ग) के छात्र इसे एकतरफा , असंतुलित और संभावित रूप से खतरनाक बता रहे हैं। सवाल यह है कि — क्या यह कानून सामाजिक न्याय को मजबूत करेगा ? या फिर यह विश्वविद्यालयों को अविश्वास और डर के माहौल में धकेल देगा ? UGC Act 2026 क्या है ? नए रेगुलेशन की मूल भावना UGC Act 2026 क...