: RBI के नए नियम 2026: अब सुबह 9 से शाम 6 बजे तक ही सेल्स कॉल, गलत बिक्री पर मिलेगा पूरा रिफंड

 

12 फरवरी 2026  ( RAGHUVIR SINGH PANWAR ) 



ग्राहकों को लोन के साथ जबरन बीमा या म्यूचुअल फंड बेचने की शिकायतों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। RBI ने मिस-सेलिंग यानी गलत तरीके से वित्तीय उत्पाद बेचने पर रोक लगाने के लिए नए मसौदा नियम जारी किए हैं।

इन नियमों के तहत अब बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही सेल्स कॉल कर सकेंगे। साथ ही यदि किसी ग्राहक को गलत जानकारी देकर या बिना स्पष्ट सहमति के कोई उत्पाद बेचा गया, तो संबंधित संस्था को पूरा पैसा वापस करना होगा और मुआवजा भी देना पड़ेगा।

RBI ने इन मसौदा नियमों पर 4 मार्च तक सुझाव मांगे हैं। अंतिम नियम जारी होने के बाद ये 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे।

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किन संस्थाओं पर लागू होंगे नियम?

ये नियम सभी रेगुलेटेड संस्थाओं पर लागू होंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक

  • स्मॉल फाइनेंस बैंक और पेमेंट बैंक

  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक

  • शहरी व ग्रामीण सहकारी बैंक

  • वित्तीय संस्थान

  • NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां)

  • हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां

यानी अब लगभग पूरे बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर में बिक्री की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनानी होगी।



जुलाई से क्या-क्या बड़े बदलाव होंगे?

1️⃣ जबरन बंडलिंग पर पूरी रोक

अब कोई भी बैंक लोन के साथ बीमा, म्यूचुअल फंड या अन्य थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट जबरन नहीं जोड़ सकेगा। ग्राहक चाहे तो ही अतिरिक्त प्रोडक्ट ले सकेगा।

2️⃣ हर प्रोडक्ट के लिए अलग सहमति

अगर एक से ज्यादा प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं, तो हर प्रोडक्ट के लिए अलग-अलग कंसेंट लेना जरूरी होगा। एक ही बार में सबके लिए सहमति लेना मान्य नहीं होगा।

3️⃣ साफ और स्पष्ट जानकारी देना जरूरी

प्रमोशनल मैटेरियल में फीस, चार्ज और शर्तों की पूरी जानकारी साफ शब्दों में देनी होगी। छिपे हुए चार्ज या भ्रमित करने वाली भाषा पर रोक रहेगी।

4️⃣ 30 दिन में ग्राहक से फीडबैक

हर बिक्री के बाद बैंक या वित्तीय संस्था को 30 दिन के अंदर ग्राहक से फीडबैक लेना अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्राहक संतुष्ट है या नहीं।

5️⃣ डार्क पैटर्न पर प्रतिबंध

मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर पहले से टिक किए गए बॉक्स, भ्रामक डिजाइन या ऐसे विकल्प जो ग्राहक को गुमराह करें—इन सभी पर रोक रहेगी।

6️⃣ तय समय में ही सेल्स कॉल

अब बैंक कर्मचारी या एजेंट सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ही कॉल या विजिट कर सकेंगे, वह भी ग्राहक की अनुमति से। देर रात या असुविधाजनक समय पर कॉल करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।


गलत बिक्री साबित होने पर क्या होगा?

यदि जांच में यह साबित होता है कि ग्राहक को बिना सही जानकारी दिए या दबाव बनाकर कोई प्रोडक्ट बेचा गया है, तो संबंधित संस्था को:

  • पूरा पैसा वापस करना होगा

  • अतिरिक्त मुआवजा देना होगा

RBI ने पाया है कि थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट्स, एजेंटों की गतिविधियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न के जरिए मिस-सेलिंग की शिकायतें बढ़ रही हैं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।


ग्राहकों को क्या फायदा होगा?

इन नियमों के लागू होने के बाद:

  • ग्राहकों को जबरन प्रोडक्ट नहीं बेचे जा सकेंगे

  • हर प्रोडक्ट की जानकारी स्पष्ट रूप से मिलेगी

  • गलत बिक्री पर पैसा वापस मिलेगा

  • अनचाही कॉल से राहत मिलेगी

यह कदम बैंकिंग सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।


विशेषज्ञों की राय: क्या बदल जाएगा बैंकिंग का सेल्स मॉडल?

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि RBI के ये नए नियम बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव साबित होंगे।

1. उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों का मत
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में लोन के साथ बीमा या निवेश उत्पादों की जबरन बिक्री की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। नए नियमों से ग्राहकों की स्वतंत्र सहमति सुनिश्चित होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

2. बैंकिंग विश्लेषकों की प्रतिक्रिया
बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े विश्लेषकों का कहना है कि इससे बैंकों की शॉर्ट-टर्म कमाई पर असर पड़ सकता है, लेकिन लंबी अवधि में ग्राहक विश्वास मजबूत होगा। ग्राहक संतुष्टि बढ़ेगी और शिकायतों में कमी आएगी।

3. डिजिटल फाइनेंस एक्सपर्ट की टिप्पणी
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ‘डार्क पैटर्न’ रोकने का फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब ऐप या वेबसाइट पर पहले से टिक किए गए बॉक्स या भ्रमित करने वाले डिजाइन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा, जिससे ग्राहक सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकेंगे।


आम ग्राहकों पर क्या होगा असर?

1. लोन लेने वालों को राहत

अब होम लोन, पर्सनल लोन या वाहन लोन लेते समय बैंक ग्राहक पर बीमा या अन्य निवेश उत्पाद लेने का दबाव नहीं बना सकेंगे।

2. पारदर्शिता बढ़ेगी

फीस, चार्ज, पेनल्टी और शर्तों की स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य होगा। इससे छिपे हुए चार्ज की समस्या कम होगी।

3. गलत बिक्री पर सीधा फायदा

यदि किसी ग्राहक को गलत जानकारी देकर उत्पाद बेचा गया है, तो उसे पूरा रिफंड और मुआवजा मिलेगा। यह प्रावधान उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करेगा।

4. अनचाहे कॉल से छुटकारा

सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ही सेल्स कॉल की अनुमति होने से देर रात या छुट्टी के दिन आने वाले परेशान करने वाले कॉल्स में कमी आएगी।


किन संस्थानों पर लागू होंगे नियम?

ये नियम RBI द्वारा नियंत्रित सभी संस्थाओं पर लागू होंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक

  • स्मॉल फाइनेंस बैंक

  • पेमेंट बैंक

  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक

  • शहरी एवं ग्रामीण सहकारी बैंक

  • एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां)

  • हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां

इसका मतलब है कि लगभग पूरा बैंकिंग और वित्तीय ढांचा इन नियमों के दायरे में आएगा।


पहले क्यों बढ़ रही थीं शिकायतें?

RBI के अनुसार, पिछले कुछ समय से निम्न समस्याएं सामने आ रही थीं:

  • लोन के साथ जबरन बीमा पॉलिसी जोड़ना

  • बिना स्पष्ट सहमति के म्यूचुअल फंड या अन्य निवेश उत्पाद बेचना

  • एजेंटों द्वारा भ्रामक जानकारी देना

  • डिजिटल ऐप पर भ्रमित करने वाले विकल्प

इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए RBI ने यह मसौदा नियम तैयार किया है।


FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या अब बैंक बीमा या म्यूचुअल फंड नहीं बेच सकेंगे?

नहीं, बैंक उत्पाद बेच सकते हैं, लेकिन ग्राहक की स्पष्ट और अलग-अलग सहमति लेना अनिवार्य होगा।

प्रश्न 2: यदि मुझसे जबरन प्रोडक्ट खरीदवाया गया तो क्या करें?

आप संबंधित बैंक में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। संतोषजनक समाधान न मिलने पर RBI के बैंकिंग लोकपाल से संपर्क किया जा सकता है।

प्रश्न 3: ये नियम कब से लागू होंगे?

अंतिम नियम जारी होने के बाद 1 जुलाई से लागू किए जाएंगे।

प्रश्न 4: क्या सेल्स कॉल पूरी तरह बंद हो जाएंगी?

नहीं, लेकिन कॉल सुबह 9 से शाम 6 बजे के बीच ही की जा सकेंगी और ग्राहक की अनुमति आवश्यक होगी।


निष्कर्ष: पारदर्शी बैंकिंग की ओर बड़ा कदम

RBI के ये नए नियम भारतीय बैंकिंग व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इससे ग्राहकों को अधिक सुरक्षा मिलेगी, गलत बिक्री पर रोक लगेगी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भ्रामक तरीकों का अंत होगा।

लंबे समय से मिस-सेलिंग की शिकायतों से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए यह निर्णय राहत भरा साबित हो सकता है। यदि नियम प्रभावी ढंग से लागू हुए, तो बैंकिंग सेक्टर में विश्वास और पारदर्शिता का नया अध्याय शुरू होगा।

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