वाहन चलाते समय मोबाइल चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करें – कलेक्टर रौशन कुमार सिंह

 जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए कड़े निर्देश, ब्लैक स्पॉट सुधार और स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर जोर

उज्जैन, 19 फरवरी 2026।
उज्जैन में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार सुबह कलेक्टर कार्यालय सभागृह में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विगत निर्देशों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहा है, ऐसे में यातायात पुलिस सख्ती से चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करे।


ब्लैक स्पॉट्स चिन्हांकित कर सुधार कार्य के निर्देश

बैठक में जिले के चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) पर त्वरित सुधार कार्य करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि—

  • रंबल स्ट्रिप लगाई जाएं

  • केट आई (रिफ्लेक्टिव मार्कर) स्थापित किए जाएं

  • आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाए जाएं

  • स्पीड ब्रेकर का निर्माण किया जाए

उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इंजीनियरिंग सुधार अत्यंत आवश्यक हैं और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


ट्रैक्टर-ट्रॉली और पशुओं पर रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश

ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रिकालीन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कृषकों की ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने की कार्रवाई तेज करने को कहा गया।

साथ ही, रात में आवागमन के दौरान पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए उनके सींगों पर भी रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए गए। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और अंधेरे मार्गों पर दुर्घटनाएं कम करने में सहायक होगी।


इंटरसिटी बड़ी बसों के प्रवेश पर चर्चा

बैठक में शहर के भीतर इंटरसिटी बड़ी बसों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। प्रशासन का मानना है कि भारी वाहनों के कारण शहर में ट्रैफिक दबाव और दुर्घटना की आशंका बढ़ती है। इस विषय पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।


स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर विशेष जोर

कलेक्टर श्री सिंह ने स्कूल संचालकों को निर्देशित किया कि—

  • सभी स्कूल वाहनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं

  • जीपीएस सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित हो

  • आरटीओ द्वारा फिटनेस का नियमित सत्यापन किया जाए

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


‘गोल्डन अवर’ में उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश

सड़क दुर्घटनाओं में घायल नागरिकों को “गोल्डन अवर” (दुर्घटना के बाद का महत्वपूर्ण पहला घंटा) में त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों को समन्वय कर कार्ययोजना बनाने को कहा गया।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में यातायात जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। नुक्कड़ नाटक, प्रेरक संदेशों और स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।


हिट एंड रन मामलों में 32 लाख की राहत राशि

बैठक में बताया गया कि जिले में हिट एंड रन के 19 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं। इन मामलों में 32 लाख रुपये की राहत राशि मंजूर की जा चुकी है। प्रशासन का प्रयास है कि पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता मिले।


दुर्घटनाओं और चालानों के आंकड़े

प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार—

  • 1 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक सड़क दुर्घटनाओं में 43 मामलों की कमी दर्ज की गई है (2025 की तुलना में)।

  • घायलों की संख्या में भी गिरावट आई है।

  • वर्ष 2025 में हेलमेट न लगाने पर 13,892 चालान बनाए गए।

  • सीट बेल्ट न लगाने पर 3,240 चालानी कार्रवाई की गई।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सख्ती और जागरूकता अभियान का असर दिखाई देने लगा है।


अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट, एडीएम अत्येन्द्र सिंह गुर्जर, एएसपी आलोक शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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