दिल्ली में संत सेवालाल जयंती और श्री रूपसिंह जी पुण्यतिथि पर बंजारा पर्व महोत्सव, विशेष ट्रेन से पहुंचेंगे समाजजन
परंपरा और श्रद्धा का संगम: दिल्ली में फिर सजेगा बंजारा पर्व
नई दिल्ली। संत शिरोमणि संत सेवालाल महाराज की जयंती और समाज गौरव श्री रूपसिंह जी की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर राजधानी दिल्ली में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बंजारा पर्व महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि बंजारा समाज की एकता, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का भी परिचायक है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए बंजारा दर्पण टीम मध्यप्रदेश के कार्यकर्ताओं ने बताया कि कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को इस महोत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
सात वर्षों से निरंतर आयोजन, देश की प्रतिष्ठित हस्तियां रही हैं मुख्य अतिथि
बंजारा दर्पण के प्रतिनिधि जीवन दायमाँ ने बताया कि इस आयोजन को संत सेवालाल चेरीटेबल ट्रस्ट द्वारा पिछले सात वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष देश की जानी-मानी हस्तियां इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होती रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी हमारे महापुरुषों की जयंती पर दिल्ली में देश के प्रतिष्ठित जनों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को एक मंच पर लाना और युवा पीढ़ी को अपने इतिहास एवं महापुरुषों से जोड़ना है।
अनुभवी नेतृत्व में आयोजन
इस भव्य आयोजन के मुख्य संयोजक के रूप में पूर्व सांसद गुलबर्गा डॉ. उमेश जी जाधव तथा ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष शंकर पंवार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ट्रस्ट के माध्यम से कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा तैयार की जा रही है।
कार्यक्रम के सूत्रधार के रूप में काशीनाथ बिरादर जी की विशेष भूमिका बताई जा रही है। उनके मार्गदर्शन में पूरे देश के बंजारा समाज को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेष ट्रेन से पहुंचेगा समाज, दक्षिण से दिल्ली तक एकता की यात्रा
इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से बंजारा समाज के लोग दिल्ली पहुंचेंगे। इसके लिए एक विशेष ट्रेन चलाई जा रही है, जो दक्षिण भारत के गुलबर्गा से प्रारंभ होकर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली पहुंचेगी।
इस यात्रा को समाज की “एकता यात्रा” के रूप में देखा जा रहा है। प्रत्येक राज्य में सामाजिक संगठनों द्वारा यात्रियों का स्वागत किया जाएगा और बड़ी संख्या में समाजजन दिल्ली पहुंचकर महोत्सव में सहभागिता करेंगे।
संस्कृति, एकता और पहचान का महापर्व
बंजारा पर्व महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, समाजसेवी सम्मान समारोह, और समाज के उत्थान से जुड़े विचार-विमर्श आयोजित किए जाएंगे।
आयोजकों का कहना है कि देश के सभी वर्गों के बंजारा समाज का एक मंच पर आना समाज की अखंडता और समरसता का प्रतीक है। यह आयोजन समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास है।
j
समाज को जोड़ने का प्रयास
बंजारा दर्पण टीम के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह महोत्सव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। संत सेवालाल महाराज के आदर्श और श्री रूपसिंह जी के समाजसेवी जीवन को स्मरण करते हुए समाजजन अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझेंगे।
Comments
Post a Comment