उज्जैन में गाड़ी अड्डा–मक्सी रोड 80 फीट चौड़ी होगी, 190 मकानों पर संकट | रहवासियों का विरोध, कोर्ट जाने की तैयारी
उज्जैन।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में आगर रोड स्थित गाड़ी अड्डा से मक्सी रोड बायपास (रणकेश्वर महादेव) तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। नगर निगम द्वारा 20 फीट चौड़ी मौजूदा सड़क को 80 फीट (24 मीटर) तक विस्तारित करने की प्रक्रिया शुरू होते ही क्षेत्र में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।
चिह्नांकन के लिए लगाए गए निशानों के बाद रहवासी सड़कों पर उतर आए हैं। जगह-जगह विरोध के पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। क्षेत्रवासियों ने दारू गोदाम पर धरने पर बैठने की चेतावनी भी दे दी है।
200 परिवारों के सिर से छिन सकती है छत
क्षेत्र के व्यवसायी दिनेश कुशवाह ने बताया कि यहां 80 फीट चौड़ी सड़क की कोई व्यावहारिक आवश्यकता नहीं है। उनका कहना है कि नगर निगम की इस कार्रवाई से करीब 200 से अधिक मकान प्रभावित होंगे।
कई मकानों का 70–80 प्रतिशत हिस्सा सड़क में चला जाएगा, जिससे वे रहने लायक नहीं बचेंगे। छोटे मकान तो पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे।
रहवासियों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और जीवन भर की जमा पूंजी से बनाए गए घरों को अचानक तोड़ने का निर्णय अन्यायपूर्ण है।
मुआवजे के नियमों ने बढ़ाई चिंता
सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित परिवारों की चिंता का एक बड़ा कारण मुआवजा नीति है। प्रशासन के नियमों के अनुसार—
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केवल उन्हीं मकान मालिकों को पूर्ण आर्थिक मुआवजा मिलेगा जिनका 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अधिग्रहण में जाएगा।
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अन्य प्रभावितों को मुआवजे के बदले अतिरिक्त निर्माण की अनुमति (एमएआर/टीडीआर) दी जाएगी।
रहवासियों का कहना है कि आंशिक रूप से टूटे मकानों में रहना संभव नहीं होगा, जबकि उन्हें नगद मुआवजा भी नहीं मिलेगा।
मास्टर प्लान में यह मार्ग 45 मीटर चौड़ा प्रस्तावित है, जबकि फिलहाल 24 मीटर तक अधिग्रहण किया जा रहा है। इससे लोगों को भविष्य में भी शेष हिस्से पर खतरा मंडराने की आशंका है।
खाली जमीन होने के बावजूद दोनों ओर समान अधिग्रहण क्यों?
क्षेत्रवासियों का तर्क है कि सड़क के कई हिस्सों में एक ओर खाली जमीन उपलब्ध है, जबकि दूसरी ओर घनी बस्ती है। ऐसे में यदि अधिग्रहण असमान रूप से किया जाए और खाली जमीन की ओर से अधिक हिस्सा लिया जाए तो कई मकान बच सकते हैं।
लेकिन नगर निगम द्वारा सड़क के सेंटर से दोनों ओर 12-12 मीटर तक समान दूरी पर निशान लगाए गए हैं।
इस पर नगर निगम के भवन अधिकारी एल.पी. साहू का कहना है कि नियमों के अनुसार सेंटर लाइन से दोनों ओर समान अधिग्रहण करना अनिवार्य है और इसमें परिवर्तन संभव नहीं है।
क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांगें
सड़क चौड़ीकरण को लेकर रहवासियों ने प्रशासन के सामने निम्न मांगें रखी हैं—
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सड़क की चौड़ाई 24 मीटर (80 फीट) से घटाकर 15 मीटर की जाए।
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रिहायशी क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए चिह्नांकन की प्रक्रिया पुनः की जाए।
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सभी प्रभावितों को उचित और पारदर्शी आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
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जिन मकानों का आंशिक नुकसान होगा, उन्हें भी पूर्ण मुआवजा मिले।
कोर्ट में जाने की तैयारी
नगर निगम की इस परियोजना के विरोध में क्षेत्रवासियों ने कानूनी लड़ाई का मन बना लिया है। रहवासी हाईकोर्ट से स्टे लेने की तैयारी कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिना पर्याप्त संवाद और वैकल्पिक पुनर्वास योजना के इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
अधिकारी का पक्ष
नगर निगम के भवन अधिकारी एल.पी. साहू ने बताया—
“एमआर-4 रोड का प्रस्तावित मार्ग 45 मीटर चौड़ा है। फिलहाल हम केवल 24 मीटर तक ही अधिग्रहण कर रहे हैं। सेंटर से दोनों ओर 12-12 मीटर तक की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें लगभग 190 मकान प्रभावित होंगे और सभी को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।”
सिंहस्थ 2028 की तैयारी या रहवासियों की परेशानी?
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में अधोसंरचना विकास कार्य तेज किए जा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि यातायात दबाव को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है।
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर विस्थापन उचित नहीं है, खासकर तब जब वैकल्पिक समाधान संभव हो।
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