मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: उज्जैन जिले से अयोध्या तीर्थ के लिए नवीन यात्रा, 779 श्रद्धालुओं को मिलेगा निःशुल्क दर्शन का अवसर

 उज्जैन, 5 फरवरी 2026



मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत जिला उज्जैन से अयोध्या धाम के लिए एक नवीन तीर्थ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा में कुल 779 पात्र श्रद्धालुओं को शामिल किया जाएगा, जिन्हें शासन की ओर से निःशुल्क तीर्थ दर्शन का अवसर प्रदान किया जाएगा।

यह यात्रा उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जिन्होंने अब तक मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ नहीं लिया है। शासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के अधिक से अधिक वरिष्ठ एवं पात्र नागरिक धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकें और उनकी आस्था को सम्मान मिले।


क्या है मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी सामाजिक योजना है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगजनों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों का निःशुल्क दर्शन कराना है।

इस योजना के अंतर्गत शासन द्वारा श्रद्धालुओं की

  • यात्रा व्यवस्था

  • भोजन

  • ठहरने

  • चिकित्सा सहायता

  • एवं सुरक्षा
    का पूरा खर्च वहन किया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।


उज्जैन से अयोध्या यात्रा: एक पवित्र अवसर

अयोध्या हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यह स्थान भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की आस्था और अधिक प्रबल हुई है।

उज्जैन जिले से अयोध्या के लिए आयोजित की जा रही यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक और भावनात्मक अनुभव होगी। शासन का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार होता है।


कौन कर सकता है आवेदन

इस यात्रा के लिए आवेदन वही श्रद्धालु कर सकते हैं—

  • जिन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ नहीं लिया हो

  • जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हों

  • जिनकी आयु एवं अन्य मापदंड शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार हो

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो श्रद्धालु पूर्व में चयनित हुए थे लेकिन किसी कारणवश यात्रा पर नहीं जा सके, उन्हें भी इस बार अवसर दिया जाएगा।


आवेदन की अंतिम तिथि: 7 फरवरी 2026

अयोध्या तीर्थ यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालु निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र भरकर अंतिम तिथि 07 फरवरी 2026 तक जमा कर सकते हैं।

आवेदन पत्र निम्न कार्यालयों में जमा किए जा सकते हैं—

  • नगर निगम

  • नगर पालिका

  • नगर पंचायत

  • जनपद पंचायत

श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवेदन कर दें ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की असुविधा न हो।


पूर्व में आवेदन करने वालों के लिए विशेष निर्देश

जिन व्यक्तियों ने पूर्व में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत आवेदन किया था और उनका चयन भी हुआ था, लेकिन वे यात्रा का लाभ नहीं ले पाए थे, उनके लिए शासन ने विशेष व्यवस्था की है।

ऐसे श्रद्धालु यदि इस यात्रा में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें—

  • सप्रमाण सादे कागज पर अपनी सहमति

  • संबंधित नगरीय या ग्रामीण निकाय कार्यालय में
    जमा करानी होगी।

ऐसा करने पर उनका पूर्व आवेदन इस यात्रा के लिए मान्य माना जाएगा, और उन्हें पुनः नया आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।


लॉटरी के माध्यम से होगा चयन

यात्रा के लिए प्राप्त सभी पात्र आवेदनों में से श्रद्धालुओं का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
लॉटरी—

  • दिनांक: 08 फरवरी 2026

  • समय: दोपहर 12 बजे

निकाली जाएगी। इसमें कुल 779 श्रद्धालुओं का चयन किया जाएगा।

यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी, ताकि सभी पात्र श्रद्धालुओं को समान अवसर मिल सके।


यात्रा कार्यक्रम: तिथि और अवधि

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत उज्जैन से अयोध्या की यह यात्रा—

  • प्रस्थान: 10 फरवरी 2026

  • वापसी: 13 फरवरी 2026

तक संपन्न होगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी।


यात्रा के दौरान मिलने वाली सुविधाएं

शासन द्वारा श्रद्धालुओं को निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी—

  • निःशुल्क रेल/बस यात्रा

  • आवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्था

  • प्राथमिक चिकित्सा सुविधा

  • यात्रा प्रभारी एवं सहायक स्टाफ

  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष देखभाल

सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें।


धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन और सामाजिक समरसता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इससे—

  • धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलता है

  • वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान और सुविधा मिलती है

  • समाज में सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण होता है

उज्जैन जैसे धार्मिक नगर से अयोध्या यात्रा का आयोजन आस्था और परंपरा को जोड़ने वाला कदम माना जा रहा है।


प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने पात्र श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे—

  • समय सीमा में आवेदन करें

  • सही एवं पूर्ण जानकारी भरें

  • आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें

किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए संबंधित नगरीय या ग्रामीण निकाय कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।


श्रद्धालुओं में उत्साह

योजना की जानकारी मिलते ही उज्जैन जिले के श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह यात्रा एक जीवन का यादगार अवसर साबित हो सकती है।

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