जनगणना 2027 दो चरणों में होगी आयोजित, 1 मई 2026 से शुरू होगा प्रथम चरण – उज्जैन में कलेक्टर की बैठक
उज्जैन, 10 फरवरी 2026 (मंगलवार)
भारत की जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार सुबह कलेक्टर कार्यालय सभागार में कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह की उपस्थिति में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री शाश्वत शर्मा, समिति के सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी अधिकारियों को आवश्यक संख्या में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने और समय पर सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
दो चरणों में आयोजित होगी जनगणना 2027
बैठक में जानकारी दी गई कि जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी:
🔹 प्रथम चरण (मकान सूचीकरण)
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अवधि: 01 मई 2026 से 30 मई 2026
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कार्य: मकान सूचीकरण और मकानों की गणना
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इस दौरान प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर जानकारी संकलित करेंगे।
🔹 स्वगणना विकल्प
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अवधि: 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026
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नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकेंगे।
🔹 द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना)
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अवधि: फरवरी 2027
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कार्य: प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जनसंख्या गणना
33 प्रश्नों के आधार पर होगा मकान सूचीकरण
प्रथम चरण में प्रगणक और पर्यवेक्षक द्वारा शासन द्वारा अधिसूचित 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें मकान की स्थिति, सुविधाएं और अन्य बुनियादी जानकारियां शामिल रहेंगी।
दूसरे चरण में जुटाई जाएगी विस्तृत जनसंख्या जानकारी
फरवरी 2027 में होने वाले दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित निम्न जानकारियां एकत्रित की जाएंगी:
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आयु
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लिंग
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वैवाहिक स्थिति
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धर्म
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दिव्यांगता
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मातृभाषा
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साक्षरता
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शैक्षणिक योग्यता
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आर्थिक गतिविधि
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प्रवास
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प्रजननता विवरण
देश की पहली डिजिटल जनगणना
जनगणना 2027 देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी। इसमें मोबाइल एप्लीकेशन और वेब पोर्टल के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जाएगा।
डिजिटल टूल्स होंगे उपयोग में:
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हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन्स (HLO) ऐप
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पॉपुलेशन इन्यूमरेशन (PE) ऐप
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स्वगणना वेब पोर्टल
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सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) पोर्टल
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हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब मैप ऐप
जनगणना के सभी कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग CMMS पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
गोपनीय रहेगी व्यक्तिगत जानकारी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियम 1990 के तहत संकलित सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूर्णत: गोपनीय रहेंगी।
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किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
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इसे किसी कानूनी साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता।
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जनगणना के दौरान किसी भी प्रगणक या अधिकारी द्वारा ओटीपी या बैंक डिटेल्स नहीं मांगी जाएंगी।
प्रशिक्षण और मानदेय की व्यवस्था
जनगणना 2027 के लिए:
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मास्टर ट्रेनर द्वारा फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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फील्ड ट्रेनर, प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों को 3 दिवसीय प्रशिक्षण देंगे।
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सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को शासन द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जाएगा।
ऐतिहासिक महत्व की जनगणना
आगामी जनगणना वर्ष 1872 से अब तक की सोलहवीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी।
यह डिजिटल प्रक्रिया देश की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और विकास योजनाओं के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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