12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि, 2,000 से अधिक अभियंता होंगे शामिल

भोपाल | बुधवार, 11 फरवरी 2026



मध्यप्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को नई दिशा देने के उद्देश्य से 12 फरवरी को राजधानी भोपाल में एक महत्वपूर्ण क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की जा रही है। यह एक दिवसीय कार्यशाला मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तत्वावधान में रवीन्द्र भवन में आयोजित होगी, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

लोक निर्माण विभाग द्वारा “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के संकल्प को मजबूत आधार देने के लिए लगातार प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में यह कार्यशाला प्रदेश के निर्माण तंत्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


2,000 अभियंता और तकनीकी अधिकारी होंगे सहभागी

लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग, परियोजना क्रियान्वयन इकाई, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम से जुड़े लगभग 2,000 अभियंता और तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे।

उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते निर्माण परिदृश्य में तकनीकी दक्षता और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली की समझ बेहद आवश्यक है। यह कार्यशाला अभियंताओं को नवीनतम तकनीकों और प्रबंधन पद्धतियों से परिचित कराएगी।



परियोजना प्रबंधन प्रणाली–2.0 का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर और परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा विकसित परियोजना प्रबंधन प्रणाली–2.0 डिजिटल पोर्टल का प्रदर्शन और औपचारिक शुभारंभ भी होगा।

यह उन्नत डिजिटल प्रणाली निर्माण कार्यों को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने में सहायक होगी। प्रत्येक परियोजना में जिम्मेदार अधिकारी, स्वीकृतकर्ता और निर्धारित समय-सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगी, जिससे जवाबदेही तय होगी और कार्यों की सतत निगरानी संभव होगी।

इस प्रणाली में ‘प्रक्रिया नियंत्रण द्वार’ व्यवस्था भी शामिल है, जिसके तहत एक चरण की सभी आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद ही अगले चरण की अनुमति दी जाएगी। इससे कार्यों में गुणवत्ता और अनुशासन दोनों सुनिश्चित होंगे।

साथ ही स्वचालित पत्र निर्माण सुविधा से विभागीय पत्राचार तेज, पारदर्शी और कागजरहित बनेगा।


राष्ट्रीय संस्थानों से एमओयू

कार्यशाला के दौरान मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। इनमें केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी, इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल शामिल हैं।

इन संस्थानों के सहयोग से प्रदेश के अभियंताओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और अनुसंधान आधारित मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।


हरित भवन और आधुनिक तकनीक पर होगा मंथन

कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ हरित भवन अवधारणा, आधुनिक निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, परियोजना प्रबंधन और निर्माण क्षेत्र में नवाचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।

इसके अतिरिक्त क्षमता निर्माण विषय पर श्री विक्रांत सिंह तोमर विशेष व्याख्यान देंगे। यह सत्र अधिकारियों को व्यावसायिक दक्षता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।


गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में पहल

मध्यप्रदेश भवन विकास निगम की परियोजना प्रबंधन प्रणाली–2.0 को निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे अधोसंरचना विकास के बीच यह जरूरी हो गया है कि हर परियोजना समय-सीमा में और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरी हो। नई डिजिटल प्रणाली इसी दिशा में प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगी।


“लोक निर्माण से लोक कल्याण” का संकल्प

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लोक निर्माण विभाग की यह पहल केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम भर नहीं है, बल्कि निर्माण कार्यों को जनहित से सीधे जोड़ने का प्रयास है। बेहतर सड़कों, सरकारी भवनों और अधोसंरचना का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलता है।

क्षमता संवर्धन कार्यशाला से अभियंताओं और तकनीकी अधिकारियों को नवीनतम ज्ञान और प्रबंधन कौशल प्राप्त होगा, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों आएंगी।

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