विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्धघुमन्तु जातियों का व्यापक सर्वेक्षण जारी, 1 फरवरी से घर-घर अभियान शुरू

 सटीक आंकड़ों से बनेगी प्रभावी नीति, कलेक्टर श्री सिंह ने नागरिकों से सहयोग की अपील की



उज्जैन, 13 फरवरी 2026।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्धघुमन्तु जातियों के व्यापक सर्वेक्षण कार्य को प्राथमिकता के साथ प्रारंभ किया गया है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इन समुदायों की वास्तविक सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन करना है।

जिले में यह सर्वेक्षण कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री श्रेयांस उमट के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए पारदर्शी, समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से सर्वे कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।




1 फरवरी 2026 से घर-घर सर्वे शुरू

म.प्र. जन अभियान परिषद, जिला उज्जैन द्वारा 1 फरवरी 2026 से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण प्रारंभ कर दिया गया है।

  • विशेष रूप से प्रशिक्षित सर्वे दलों का गठन किया गया है

  • निर्धारित प्रारूप के अनुसार परिवारों से विस्तृत जानकारी ली जा रही है

  • संकलित जानकारी को ऑनलाइन ‘समर्थ’ पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है

  • प्रत्येक सर्वे दल अधिकृत पहचान पत्र के साथ क्षेत्र में कार्यरत है

प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र परिवार छूट न जाए और वास्तविक आंकड़े सामने आएं।


सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य

इस व्यापक सर्वे के माध्यम से निम्न बिंदुओं पर तथ्यात्मक जानकारी संकलित की जा रही है—

🔹 सामाजिक स्थिति का आकलन

समुदाय की सामाजिक संरचना, पारिवारिक स्थिति और मुख्यधारा से जुड़ाव का विश्लेषण।

🔹 शिक्षा स्तर की जानकारी

  • बच्चों का स्कूल/कॉलेज में नामांकन

  • ड्रॉपआउट दर

  • उच्च शिक्षा की उपलब्धता

🔹 रोजगार और आय के स्रोत

  • आजीविका के साधन

  • मासिक आय की स्थिति

  • स्वरोजगार एवं श्रम आधारित गतिविधियां

🔹 आवास और मूलभूत सुविधाएं

  • पक्का/कच्चा मकान

  • पेयजल, बिजली, शौचालय

  • स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता

🔹 शासन की योजनाओं से जुड़ाव

  • पात्र हितग्राहियों की पहचान

  • किस योजना का लाभ मिला/नहीं मिला

  • योजनाओं से वंचित परिवारों की सूची


सटीक आंकड़ों से सशक्त नीति निर्माण

प्रशासन का मानना है कि जमीनी स्तर से प्राप्त वास्तविक डेटा के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी और लक्षित बनाई जा सकेंगी।


यह सर्वे केवल आंकड़ा संग्रह नहीं, बल्कि नीति निर्माण की आधारशिला है। इसके माध्यम से—

  • वंचित परिवारों की पहचान होगी

  • सामाजिक न्याय की दिशा में ठोस कदम उठेंगे

  • योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा


कलेक्टर की अपील: सही और पूर्ण जानकारी दें

कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वे दल को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।

उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। नागरिकों का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए आवश्यक है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्वे दल अधिकृत पहचान पत्र के साथ घर-घर पहुंच रहे हैं, इसलिए नागरिक निर्भीक होकर जानकारी साझा करें।


सामाजिक समावेशन की दिशा में बड़ा कदम

विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्धघुमन्तु जातियां लंबे समय से सामाजिक एवं आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं। यह सर्वे उनके उत्थान, सम्मान और समावेशन की दिशा में एक निर्णायक पहल माना जा रहा है।

जिला प्रशासन और जन अभियान परिषद इस अभियान को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ संचालित कर रहे हैं।

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