शासकीय कार्यालयों में अब बिना वैध दस्तावेज के वाहन नहीं चलेंगे
दुर्घटना होने पर मुआवजा सुनिश्चित करने सरकार का बड़ा और जरूरी फैसला
बीमा, फिटनेस और परमिट के बिना सरकारी काम में वाहन लगाने पर पूरी तरह रोक
भोपाल | बुधवार, 7 जनवरी 2026,
मध्यप्रदेश में शासकीय कार्यों में लगे वाहनों को लेकर सरकार ने आखिरकार वह फैसला ले लिया है, जिसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में मुआवजा न मिल पाने, नियमविरुद्ध वाहनों के इस्तेमाल और निजी एजेंसियों की लापरवाही पर लगाम लगाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने सख्त आदेश जारी किए हैं। अब बिना वैध दस्तावेजों के कोई भी वाहन शासकीय कार्यालयों, विभागों, निगमों या निकायों में उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
यह आदेश उन सभी वाहनों पर लागू होगा, जिन्हें शासकीय विभाग सीधे अनुबंध के तहत या फिर निजी एजेंसियों के माध्यम से अपने कामकाज के लिए उपयोग में लेते हैं।
अब कागज पूरे होंगे, तभी चलेगा वाहन
परिवहन विभाग द्वारा जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि शासकीय कार्यों में लगाए जाने वाले मालवाहक और यात्री वाहन अनुबंध से पहले और उपयोग की पूरी अवधि के दौरान पूरी तरह वैध दस्तावेजों के साथ होने चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर यह पाया जाता है कि वाहन के कागज अधूरे हैं या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी है, तो ऐसे वाहन को तत्काल सेवा से हटाया जाएगा।
इन दस्तावेजों में—
वैध वाहन बीमा
फिटनेस प्रमाणपत्र
परमिट
मोटरयान कर का भुगतान
अनिवार्य रूप से शामिल हैं।
भुगतान से पहले होगी सख्त जांच
सरकार ने केवल दस्तावेजों की अनिवार्यता तक ही बात सीमित नहीं रखी है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वाहन उपयोग के बदले भुगतान करने से पहले संबंधित विभागों को दस्तावेजों की जांच करना अनिवार्य होगा।
अक्सर देखा गया है कि बिल पास करते समय कागजों की औपचारिकता पूरी कर दी जाती थी, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और होती थी। नए आदेश के बाद इस तरह की लापरवाही पर रोक लगने की उम्मीद है।
j
ओवरलोडिंग पर भी सरकार सख्त
परिवहन विभाग ने खनिज और अन्य सामग्री के परिवहन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार किसी भी वाहन को उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक भार ढोने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ओवरलोडिंग को दुर्घटनाओं का बड़ा कारण मानते हुए सरकार ने इस पर सख्ती करने का संकेत दिया है।
यदि कोई वाहन तय सीमा से अधिक भार लेकर चलता पाया गया, तो सिर्फ एजेंसी ही नहीं, बल्कि संबंधित विभाग की जिम्मेदारी भी तय की जा सकेगी।
दुर्घटना के बाद मुआवजा न मिलने की समस्या से मिलेगी राहत
सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करना है। अब तक कई मामलों में यह देखा गया है कि शासकीय काम में लगे वाहन के पास बीमा नहीं होता था। दुर्घटना होने पर पीड़ित परिवार मुआवजे के लिए भटकता रह जाता था और जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता था।
वैध बीमा और फिटनेस अनिवार्य होने से अब ऐसी स्थिति में कानूनी प्रक्रिया आसान होगी और पीड़ितों को समय पर राहत मिल सकेगी।
निजी एजेंसियों की मनमानी पर लगेगी रोक
शासकीय विभाग बड़ी संख्या में वाहन निजी एजेंसियों से किराये पर लेते हैं। कई बार लागत कम रखने के चक्कर में एजेंसियां पुराने, जर्जर और बिना दस्तावेज वाले वाहन भेज देती थीं। नए आदेशों के बाद अब यह संभव नहीं होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से निजी एजेंसियों को भी अपने वाहन बेड़े को दुरुस्त करना पड़ेगा, जिससे
सड़क सुरक्षा का स्तर बेहतर होगा।
ई-मेल से भी ले सकेंगे मार्गदर्शन
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विभाग, निगम या निकाय को आदेशों के क्रियान्वयन में कोई दिक्कत आती है, तो वे परिवहन आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश, ग्वालियर से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
इसके लिए commr.transpt@mp.gov.in ई-मेल आईडी जारी की गई है, ताकि जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों के कार्यालय भी आसानी से नियमों को समझ सकें।
प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में अहम कदम
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यह आदेश केवल एक औपचारिक निर्देश नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने वाला निर्णय है। अब किसी भी दुर्घटना या नियम उल्लंघन की स्थिति में यह नहीं कहा जा सकेगा कि जानकारी नहीं थी या जिम्मेदारी तय नहीं है।
यह फैसला सरकारी तंत्र में अनुशासन और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
आम जनता को भी मिलेगा फायदा
हालांकि यह आदेश सीधे तौर पर शासकीय कार्यालयों से जुड़ा है, लेकिन इसके फायदे आम नागरिकों तक भी पहुंचेंगे। जब सरकारी काम में लगे वाहन सुरक्षित, फिट और बीमित होंगे, तो सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित बनेगी।
मध्यप्रदेश परिवहन विभाग आदेश, शासकीय वाहन नियम, बिना दस्तावेज वाहन प्रतिबंध, MP Transport News, Bhopal News, Government Vehicle Rules MP
Comments
Post a Comment