मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 2026: 11-12 जनवरी को भोपाल में, निवेश और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

 समिट से सशक्त होगा मध्यप्रदेश का स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम, ‘विकसित एम.पी. @2047’ विज़न को मिलेगी नई गति



भोपाल | बुधवार, 7 जनवरी 2026मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘विकसित एम.पी. @2047’ विज़न को साकार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 2026 का आयोजन 11 एवं 12 जनवरी को रवींद्र भवन, भोपाल में किया जा रहा है। यह दो दिवसीय समिट प्रदेश के स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम को और अधिक सुदृढ़, नवाचार-आधारित तथा निवेश-अनुकूल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

इस समिट में राज्य और देशभर से स्टार्ट-अप्स, निवेशक, इनक्यूबेटर्स, उद्योग प्रतिनिधि, शैक्षणिक संस्थान, नीति-निर्माता और अन्य प्रमुख हितधारक भाग लेंगे। सोमवार 12 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं समिट में सहभागिता करेंगे, जिससे स्टार्ट-अप समुदाय को प्रत्यक्ष संवाद और मार्गदर्शन का अवसर प्राप्त होगा।

स्टार्ट-अप्स को मिलेगा सशक्त मंच

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 2026 का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समिट स्टार्ट-अप्स को निवेश, नेटवर्किंग, नीति संवाद और नवाचार प्रदर्शन के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करेगी। यहां नव प्रवर्तक अपने विचारों, उत्पादों और तकनीकी समाधानों को निवेशकों एवं नीति-निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे।

विशेषज्ञ सत्रों, पैनल चर्चाओं और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से स्टार्ट-अप्स को वित्तपोषण, स्केल-अप रणनीति, बाजार तक पहुंच और वैश्विक अवसरों की जानकारी भी मिलेगी।

स्टार्ट-अप नीति–2025 से मिली नई पहचान

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा फरवरी 2025 में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति–2025 का विमोचन किया गया था। इस नीति ने प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को एक नई दिशा दी है।

स्टार्ट-अप नीति–2025 के तहत:

  • स्टार्ट-अप्स के प्रत्येक चरण के लिए वित्तीय सहायता

  • इनक्यूबेशन और मेंटरशिप सपोर्ट

  • निवेश आकर्षण एवं पेटेंट सहयोग

  • मार्केट लिंकज और सरकारी खरीद में अवसर

जैसे सशक्त प्रावधान शामिल किए गए हैं। नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश का स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है और तेजी से आगे बढ़ रहा है।

नवाचार और रोजगार सृजन की मजबूत आधारशिला

एमएसएमई आयुक्त श्री दिलीप कुमार ने प्रदेश के स्टार्ट-अप्स, नव प्रवर्तकों, उद्यमियों, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स एवं स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम से जुड़े सभी हितधारकों से समिट में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप्स नवाचार-आधारित विकास और रोजगार सृजन की आधारशिला हैं। यह समिट युवाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्यमियों के लिए अपने स्टार्ट-अप को नई दिशा देने का सुनहरा अवसर है। साथ ही यह मंच मध्यप्रदेश को स्टार्ट-अप हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मध्यप्रदेश बनेगा नवाचार का केंद्र

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 2026 न केवल स्टार्ट-अप्स के लिए अवसर लेकर आ रही है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश माहौल और युवा उद्यमिता को भी मजबूती प्रदान करेगी। ‘विकसित एम.पी. @2047’ विज़न के अनुरूप यह समिट नवाचार, तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त कदम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में स्टार्ट-अप और निवेश के राष्ट्रीय मानचित्र पर और अधिक मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।

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