सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ‘संचार’ का ऐतिहासिक उदय: 12 पृष्ठों में सिमटा गौरवशाली इतिहास और भविष्य का विजन

 उज्जैन, 12 जनवरी 2026



सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा प्रकाशित किए जा रहे प्रथम आधिकारिक पाक्षिक समाचार पत्र “सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय संचार” का शुभारंभ विश्वविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने इसे ज्ञान, मूल्य और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्यों की दिशा में सफल पहल बताया।

राज्यपाल श्री पटेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में रचनात्मक चिंतन, बौद्धिक विमर्श और सामाजिक सरोकारों को नई ऊर्जा देने में यह समाचार पत्र अहम भूमिका निभाएगा। यह पत्रकारिता की नई पौध तैयार करने का सार्थक प्रयास है।


विद्यार्थियों के नवाचार से शुरू हुआ ‘संचार’


सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन में शैक्षणिक, अकादमिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से वरिष्ठ कार्यपरिषद सदस्य श्री राजेश सिंह कुशवाह, कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज और कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में इस पाक्षिक समाचार पत्र का प्रकाशन प्रारंभ किया गया।

इस अभिनव पहल में विशेष बात यह रही कि समाचार पत्र का संपादन और निर्माण विद्यार्थियों द्वारा किया गया, जिससे उन्हें पत्रकारिता का व्यावहारिक अनुभव भी मिला।


‘अभ्युदय-2026’ में हुआ प्रथम अंक का विमोचन

राज्य स्तरीय युवा उत्सव “अभ्युदय-2026” के समापन समारोह में विश्वविद्यालय के मुक्ताकाशी मंच पर 12 पृष्ठों के प्रथम अंक का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल सहित—

  • वरिष्ठ कार्यपरिषद सदस्य श्री राजेश सिंह कुशवाह

  • कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज

  • कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा

  • विद्यार्थी कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. एस. के. मिश्रा

  • प्रो. डी. एम. कुमावत

उपस्थित रहे।



राज्यपाल और विश्वविद्यालय नेतृत्व का मार्गदर्शन

कुलपति प्रो. अर्पण भारद्वाज ने ‘संचार’ को सत्य, ज्ञान और युवा सोच की सशक्त आवाज़ बताया। उन्होंने कहा कि यह पत्र विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को समाज तक पहुँचाने का मुख्य माध्यम बनेगा।

कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा ने इसे विश्वविद्यालय के सूचना तंत्र को नई गति देने वाला कदम बताया और विश्वास जताया कि यह गुणवत्तापूर्ण एवं जिम्मेदार पत्रकारिता का उदाहरण बनेगा।


12 पृष्ठों में समाहित उपलब्धियां और विरासत

‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय संचार’ के प्रथम अंक में—

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तित किए जाने की मुख्य खबर

  • उज्जैन के गौरव और पुनर्जागरण पर केंद्रित लेख

  • मुख्यमंत्री, कुलपति, कुलसचिव, कार्यपरिषद सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रेरणादायी संदेश

  • युवा उत्सव ‘अभ्युदय’ की सांस्कृतिक शोभायात्रा और प्रतिभाओं का विवरण

  • उज्जैन की विश्व प्रसिद्ध वैदिक घड़ी और सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली इतिहास पर विशेष आलेख

  • सांदीपनि आश्रम और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन पर ज्ञानवर्धक सामग्री

को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है।


विद्यार्थी संपादकीय टीम का सराहनीय योगदान


इस समाचार पत्र के संपादन की जिम्मेदारी डॉ. सुशील कुमार शर्मा को सौंपी गई, जिनके कुशल मार्गदर्शन में सतत शिक्षा अध्ययनशाला एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययनशाला के विद्यार्थियों की टीम ने इसे सफलतापूर्वक तैयार किया।

वरिष्ठ कार्यपरिषद सदस्य श्री राजेश सिंह कुशवाह ने पूरी संपादकीय टीम को बधाई देते हुए इसे विश्वविद्यालय के संचार तंत्र की नई ऊर्जा बताया।


‘संचार’ नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के विजन का प्रतीक

‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय संचार’ का प्रथम अंक केवल एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि पारदर्शिता, डिजिटल इंडिया के विजन और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। इसके 12 पृष्ठों में शिक्षा, शोध और संस्कारों का जो संगम दिखाई देता है, वह आने वाले समय में विश्वविद्यालय को एक आदर्श शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित करेगा।

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