बोर्ड परीक्षा में नर्वस न हों विद्यार्थी”—कलेक्टर रौशन कुमार सिंह
प्री-बोर्ड भी उतने ही महत्वपूर्ण, सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हों”—कलेक्टर ने दी सख्त हिदायत
उज्जैन | 28 नवंबर 2025
बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर उज्जैन कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने शुक्रवार को शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. में जिले के प्राचार्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट, जिला शिक्षा अधिकारी आनंद शर्मा और एडीपीसी गिरीश तिवारी भी मौजूद रहे।
📌 बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारना है प्राथमिकता
कलेक्टर ने उन विद्यालयों के प्राचार्यों पर नाराजगी जताई जिनके पिछले वर्ष परिणाम 50% से कम थे। उन्होंने स्पष्ट कहा—
“इस बार परिणाम में सुधार लाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं, 100% परिणाम देने वाले विद्यालयों की खुलकर सराहना की गई और टॉप-टेन एवं बॉटम-टेन स्कूलों की अलग-अलग समीक्षा की गई।
🏫 10वीं बोर्ड में शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालय
कालूहेड़ा, तराना, जहांगीरपुर, सोढंग, नलवा, चिकली, नजरपुर, भीलखेड़ा, बुरानाबाद और गोलवा के सरकारी स्कूलों ने पिछले वर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था।
🏫 10वीं बोर्ड में कम परिणाम वाले विद्यालय
राजौटा, नरसिंहगढ़, डेलची बुजुर्ग, बालक उन्हेल, कायथा, निपानिया गोयल, रूपाखेड़ी, बरखेड़ा बुजुर्ग, खारपा और तुतियाखेड़ी का प्रदर्शन कमजोर रहा था।
🏫 12वीं बोर्ड में शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालय
पानबिहार, कालूहेड़ा, छापाखेड़ा, तालोद, जलोदिया, उत्कृष्ट उज्जैन, कन्या नवीन इंदिरानगर, भैरवगढ़, भाट पचलाना और सीएम राईज़ तराना शामिल रहे।
🏫 12वीं बोर्ड में कम परिणाम वाले विद्यालय
रूपाखेड़ी, रूपेटा, सिंधी कॉलोनी, निपानिया गोयल, कायथा, बड़ागांव, बेरछा, बालोदालाखा, आलोट जागीर और निपानिया राजू शामिल हैं।
📍 कलेक्टर के प्रमुख निर्देश
🔹 ई-अटेंडेंस अनिवार्य
प्राचार्य और शिक्षक प्रतिदिन नियमित उपस्थिति दर्ज करें।
🔹 कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान
शिक्षकों को कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त मार्गदर्शन देने और उनकी समस्याएं समझने के निर्देश।
🔹 अनुपस्थित बच्चों के घर तक जाएं
पंचायत सचिव और रोजगार सहायक के साथ मिलकर ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क करें।
🔹 दिसंबर तक पूरा कोर्स पूरा करें
जरूरत पड़ने पर एक्स्ट्रा क्लासेस लगाई जाएं।
🎯 बोर्ड परीक्षा की तैयारी: कलेक्टर का फोकस
कलेक्टर सिंह ने कहा—
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प्री-बोर्ड परीक्षा बोर्ड जितनी ही महत्वपूर्ण है।
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पिछले 5 वर्षों के अनसॉल्व्ड प्रश्नपत्र विद्यार्थियों से हल करवाए जाएं।
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मॉडल प्रश्न बैंक विद्यार्थियों को बांटकर अभ्यास करवाया जाए।
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तीन घंटे के प्रश्नपत्र को हल करने का अभ्यास करवाना जरूरी है।
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हैंडराइटिंग, समय-प्रबंधन और टू द पॉइंट उत्तर लिखने की ट्रेनिंग दें।
👨🏫 विद्यार्थियों को प्रेरणा: “नर्वस न हों, नियमित पढ़ें”
कलेक्टर ने कहा—
“जो विद्यार्थी नियमित कक्षा में आते हैं और मेहनत करते हैं, वे निश्चित ही परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि आने वाले दिनों में वे स्वयं विद्यार्थियों से संवाद कर परीक्षा टिप्स देंगे।

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