01 दिसम्बर को मनाया जाएगा विश्व एड्स दिवस
सही रास्ता अपनाएं – मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार
उज्जैन | 29 नवंबर 2025
प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 01 दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day 2025) मनाया जाएगा। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य एच.आई.वी./एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संक्रमित व्यक्तियों के साथ समानता एवं सहानुभूति का व्यवहार करना और दुनिया भर में एकजुटता प्रदर्शित करना है।
विश्व एड्स दिवस 2025 की थीम—
“सही रास्ता अपनाएं – मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार”
यह संदेश देती है कि हर व्यक्ति का स्वास्थ्य उसका अधिकार है और एच.आई.वी. से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करना समाज की जिम्मेदारी है।
🔬 एच.आई.वी./एड्स क्या है?
एड्स (AIDS) एक खतरनाक अवस्था है जो एच.आई.वी. वायरस के कारण होती है। यह वायरस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) को धीरे-धीरे कमजोर करता है। प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर शरीर विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से लड़ नहीं पाता और तब व्यक्ति एड्स की स्थिति में पहुंच जाता है।
⚠️ एड्स फैलने के प्रमुख कारण
1. असुरक्षित यौन संबंध
एच.आई.वी. संक्रमण का सबसे बड़ा कारण है असुरक्षित यौन सम्पर्क। संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक संपर्क से वायरस स्वस्थ व्यक्ति में प्रवेश कर सकता है।
2. संक्रमित रक्त चढ़ाना
यदि बिना जांच किए एच.आई.वी. संक्रमित रक्त चढ़ाया जाए, तो संक्रमण फैलने की संभावना रहती है।
रक्त चढ़ाने से पहले जांच जरूरी है।
3. संक्रमित सुई और सीरिंज का उपयोग
एक ही सुई का कई लोगों पर उपयोग अत्यंत खतरनाक है।
हमेशा डिस्पोजेबल सुई एवं सीरिंज का उपयोग करें।
4. संक्रमित गर्भवती महिला से शिशु में संक्रमण
यदि गर्भवती महिला एच.आई.वी. पॉजिटिव है, तो शिशु तक वायरस पहुंचने का खतरा रहता है। समय पर इलाज से यह खतरा कम किया जा सकता है।
🛡️ एच.आई.वी./एड्स से बचाव के उपाय
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अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार रहें
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यौन संबंध बनाते समय निरोध (कंडोम) का उपयोग अवश्य करें
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रक्त चढ़ाने से पहले उसकी एच.आई.वी. जांच करवाएं
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केवल डिस्पोजेबल सुई और सीरिंज का उपयोग करें
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समय-समय पर एच.आई.वी. टेस्ट कराएं
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गर्भवती महिलाओं, टीबी मरीजों और यौन रोगों से ग्रसित व्यक्तियों की निःशुल्क जांच ICTC केंद्रों पर उपलब्ध है
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एच.आई.वी. पॉजिटिव मरीजों को ART केंद्रों पर मुफ्त दवाएं और उपचार उपलब्ध है
📢 जन-जागरूकता सबसे बड़ा हथियार
समाज में आज भी एच.आई.वी. को लेकर कई भ्रांतियां हैं।
ध्यान रखें—
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एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्ति को छूने से संक्रमण नहीं फैलता
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साथ बैठने, खाना खाने, हाथ मिलाने, छींकने या खांसने से भी संक्रमण नहीं फैलता
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मच्छर के काटने से भी एच.आई.वी. नहीं फैलता
इसलिए—
एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्ति के साथ भेदभाव न करें।
वे भी सामान्य जीवन जीने का पूरा अधिकार रखते हैं।
यदि समाज सहयोग करे तो ए.आर.टी. उपचार से वे लंबी और स्वस्थ जीवन यात्रा जारी रख सकते हैं।

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